फाइलेरिया मुक्त झारखंड की ओर बढ़ते कदम, स्कूलों में बच्चों की हो रही नि:शुल्क जांच

रांची के स्कूलों में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए निःशुल्क जांच अभियान शुरू हुआ है। अभिभावक अपने बच्चों की जांच जरूर कराएं ताकि बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।

रांची: बचपन की मुस्कान पर बीमारी का साया न पड़े और आने वाली पीढ़ी फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रहे, इस उद्देश्य से झारखंड में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में लगातार अभियान चलाया जा रहा है. राज्य को वर्ष 2027-2029 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग ने मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के साथ अब स्कूली बच्चों की नि:शुल्क जांच पर भी जोर दिया है.

समय रहते फाइलेरिया (हाथीपांव) के संक्रमण का पता लगाने के लिए रांची में 10 अगस्त से 28 सितंबर तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत ओरमांझी, बुंडू, नामकुम, रातू, लापुंग समेत शहरी क्षेत्र के सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों तथा स्वास्थ्य केंद्रों में लक्षित बच्चों की जांच की जा रही है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान जिले के 365 सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में बच्चों की जांच की जानी है. खास तौर पर कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों को जांच के दायरे में रखा गया है. जांच के लिए भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा सत्यापित किट का इस्तेमाल किया जा रहा है.

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शुरुआती दौर में आसानी से नजर नहीं आता संक्रमण

फाइलेरिया ऐसी बीमारी है, जिसका संक्रमण शुरुआती दौर में अक्सर आसानी से नजर नहीं आता. ऐसे में बच्चों की समय पर जांच बीमारी की पहचान और उसके प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अपील की है कि वे बच्चों (कक्षा प्रथम एवं द्वितीय) की जांच अवश्य कराएं. ताकि इस बीमारी के प्रसार को रोका जा सके.

विभाग का कहना है कि एक छोटी-सी जांच भविष्य में बीमारी के बड़े खतरे को टाल सकती है. बच्चों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखना केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है. समय पर जांच, जागरूकता और जरूरी दवाओं के सेवन से फाइलेरिया के खिलाफ झारखंड की इस लड़ाई को मजबूत किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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