Fined Without Helmet : ये क्या! गुमला में खड़ी कार का रांची में कट गया बाइक चालान

Fined Without Helmet : धारा 194डी बाइक चालक पर लागू होती है, न की कार चालक पर. श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनके पास कोई भी बाइक नहीं है. जानें ये अजीबो-गरीब मामला क्या है.

Fined Without Helmet : परिवहन विभाग का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. गुमला जिले में कई दिनों से घर की पार्किंग में खड़ी एक कार का रांची में बिना हेलमेट बाइक चलाने के आरोप में चालान काट दिया गया, जबकि न तो कार रांची गयी और न ही कार मालिक वहां मौजूद थे.

कार बीते 15 दिसंबर से घर के गैरेज में खड़ी है

गुमला के जवाहर नगर निवासी द्वारिकानाथ मिश्रा ने बताया कि उनके पास एक मारुति कार है, जिसका पंजीकरण नंबर (जेएच-01एफएल-1057) है. उन्होंने बताया कि यह कार बीते 15 दिसंबर से उनके घर के गैरेज में खड़ी है और तब से सड़क पर निकाली ही नहीं गयी. इसके बावजूद परिवहन विभाग रांची द्वारा धारा 194डी मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत बिना हेलमेट बाइक चलाने के आरोप में 1000 रुपये का चालान काट दिया गया. हैरानी की बात यह है कि उक्त चालान सीधे श्री मिश्रा के मोबाइल नंबर पर भेज दिया गया.

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धारा 194डी बाइक चालक पर लागू होती है

श्री मिश्रा का कहना है कि धारा 194डी बाइक चालक पर लागू होती है, न की कार चालक पर. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास कोई भी बाइक नहीं है. श्री मिश्रा ने आशंका जतायी है कि कोई शरारती तत्व उनकी कार के नंबर का दुरुपयोग कर उसे किसी बाइक पर अंकित कर चला रहा है. उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए परिवहन विभाग से निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई करने और उन्हें गलत चालान से मुक्त करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गयी, तो वे न्यायालय की शरण लेंगे. साथ ही परिवहन विभाग द्वारा की जा रही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को लेकर मानहानि का दावा दायर करने की भी बात कही है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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