Ranchi news : वन भूमि से हटाया जायेगा अतिक्रमण

वन विभाग ने अतिक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों पर पौधरोपण की भी योजना तैयार की. चिह्नित जगहों पर पार्कों को विकसित कर उनको सुरक्षित रखने का प्रयास भी किया जायेगा.

रांची.

राज्य में वन भूमि से अतिक्रमण हटाया जायेगा. अधिसूचित वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जायेगा. वन विभाग ने अतिक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों पर वृक्षारोपण की भी योजना तैयार की है. गिरिडीह के कम्हारलालो, दुमका में चुटोनाथ जैव विविधता पार्क, जमशेदपुर में गोटाशिला बाबा थान, फॉरेस्ट पार्क चाकुलिया, येदुनाथ बास्के थीम पार्क, सुसाबनी, हुलडुंगरी पहाड़, मानगो व कान्हाईश्वर पहाड़, रांची के नेचर पार्क व लातेहार के जैव विविधता पार्क को वन विभाग ने अतिक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया है. इन सभी वन क्षेत्रों पर अभियान चला अतिक्रमण हटाया जायेगा. वहां वनरोपण और वृक्षारोपण के अलावा पार्कों को विकसित कर उनको सुरक्षित रखने का प्रयास किया जायेगा.

30,238 हेक्टेयर वन भूमि पर है अतिक्रमण

झारखंड में वन भूमि गायब हो रही है. महालेखाकार ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दायर कर इंडियन फॉरेस्ट सर्वे की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य में एक लाख हेक्टेयर से अधिक वन भूमि गायब होने की बात कही है. झारखंड के जंगलों की 50,000 हेक्टेयर भूमि(वन भूमि) के अतिक्रमण मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन(एसएलपी) दायर की गयी है. सेवानिवृत्त वन क्षेत्र पदाधिकारी आनंद कुमार ने एसएलपी में कहा है कि राज्य सरकार ने न्यायालय के समक्ष 30,238 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण की बात स्वीकार की है. सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश में आलोक में अतिक्रमणकारियों से पांच लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राशि भी वसूली जानी थी. लेकिन, न तो वनभूमि से अतिक्रमण हटाया गया और न ही राशि वसूलने की कार्रवाई की गयी.

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Published by: Rajiv kumar

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