SIR में चुनाव आयोग सख्त, शिक्षकों की नहीं चलेगी मनमानी

चुनाव आयोग मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआइआर)-2026 के दौरान शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति और उनके कामकाज को लेकर सख्त हो गया है. शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए गए हैं. स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित होने और निर्वाचन कार्य में लापरवाही की शिकायतों पर आयोग ने यह कदम उठाया है.

रांची : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर)-2026 के दौरान शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति और उनके कामकाज को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती बरती है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह की शिकायत के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (इआरओ) को प्रतिनियुक्त शिक्षकों का युक्तिसंगत उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

आयोग ने कहा है कि जितनी जरूरत हो, उतने ही शिक्षकों को एसआइआर कार्य में लगाया जाये. जिन शिक्षकों की फिलहाल जरूरत नहीं है, उनकी प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त कर उन्हें मूल विद्यालय में वापस भेजा जाये. निर्देश में कहा गया है कि कई स्थानों पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के कारण स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है.

रजिस्टर में हस्ताक्षर करना अनिवार्य

साथ ही प्रतिनियुक्त कुछ शिक्षकों द्वारा निर्वाचन कार्य के निष्पादन में भी अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने की शिकायत मिली है. इसे देखते हुए इआरओ को प्रतिनियुक्ति की तत्काल समीक्षा करने को कहा गया है. रोज रजिस्टर में दर्ज करनी होगी हाजिरी एसआआर कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की उपस्थिति अब रोजाना रजिस्टर में दर्ज होगी. एसआइआर की अवधि में उन्हें ऑनलाइन उपस्थिति से छूट दी गयी है, लेकिन प्रतिदिन उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा. इसी आधार पर उनकी मासिक उपस्थिति और अनुपस्थिति की रिपोर्ट तैयार कर जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को भेजी जायेगी.

लापरवाही पर कार्रवाई

लापरवाही पर कार्रवाई निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्ति के बाद लापरवाही या अनधिकृत अनुपस्थिति करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी.इआरओ को ऐसे मामलों में तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजनी होगी, जिसके आधार पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जायेगी.

स्कूल समय के बाद लिया जाये चुनावी काम आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था एसआइआर-2026 की संबंधित अवधि तक ही लागू रहेगी. भविष्य में निर्वाचन कार्य के लिए शिक्षकों की जरूरत पड़ने पर, जहां संभव हो, उन्हें स्कूल के निर्धारित समय के बाद चुनावी कार्य में लगाया जाये, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो.

16 सितंबर तक देनी होगी सूची

16 सितंबर तक देनी होगी सूची सभी जिलों में एसआआर के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की विधानसभा-वार सूची मुख्य निर्वाचन कार्यालय को 16 सितंबर 2026 को शाम पांच बजे तक भेजने का निर्देश दिया गया है. शिक्षकों की सेवाएं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 29 के तहत निर्वाचन कार्य के लिए ली गयी हैं.

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By Sunil Jha

सुनील कुमार झा प्रभात खबर के प्रमुख संवाददाता हैं और उन्हें पत्रकारिता में करीब 20 वर्षों का अनुभव है. झारखंड में शिक्षा से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनायी है. शिक्षा विभाग की ब्रेकिंग खबरों और नीतिगत फैसलों की सटीक रिपोर्टिंग के लिए वे जाने जाते हैं. उनकी कई रिपोर्टों को आधार बनाकर शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव भी हुए हैं. शिक्षा व्यवस्था से जुड़े जमीनी मुद्दों, विभागीय निर्णयों और नीतिगत बदलावों पर उनकी पैनी नजर रहती है. वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनके सटीक चुनावी विश्लेषण भी काफी प्रभावी रहे. चुनावी घटनाक्रम और राजनीतिक परिस्थितियों के विश्लेषण में उनकी रिपोर्टिंग को पाठकों के बीच विशेष महत्व मिला. शिक्षा के अलावा वह महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा उत्पाद विभाग की भी रिपोर्टिंग करते हैं.

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