रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने मनरेगा घोटाले से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में आरोपी आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की. इस दाैरान अदालत ने इडी का पक्ष सुना. इडी के आग्रह को स्वीकार करते हुए जवाब दायर करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया. मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक केस चलाने के लिए सीआरपीसी की धारा-197 के तहत अभियोजन स्वीकृति लेना जरूरी है, लेकिन उनके मामले में इडी की ओर से ऐसा नहीं किया गया है. बिना अभियोजन स्वीकृति के ही केस चलाया जा रहा है. दर्ज केस को निरस्त करने का आग्रह किया गया. वहीं इडी की ओर से जवाब दायर करने के लिए और समय देने का आग्रह किया गया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी पूजा सिंघल ने क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है. मनरेगा घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी पूजा सिंघल सहित उनके पति अभिषेक झा, सीए सुमन सिंह, खूंटी जिला परिषद के तत्कालीन कनीय अभियंता राम विनोद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता राजेंद्र जैन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जय किशोर चौधरी, खूंटी विशेष प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. उनके खिलाफ इडी ने 200 पन्नों में आरोप पत्र दाखिल किया है. इसमें बताया गया है कि चतरा, खूंटी व पलामू में उपायुक्त रहते हुए पूजा सिंघल के खाते में वेतन से 1.43 करोड़ रुपये अधिक थे.
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