Documentary Series: सादरी में बनी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘माटी कर औषधि’ रिलीज, झारखंड के इस कॉलेज स्टूडेंट्स की है खास पेशकश

Documentary Series: रांची के गोस्सनर कॉलेज में बुधवार को सादरी भाषा में बनायी गयी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘माटी कर औषधि’ रिलीज की गयी. झारखंड की औषधियों और प्राकृतिक उपचार पर यह सीरीज बनायी गयी है. इस कार्यक्रम में 10 एपिसोड हैं. मास कम्युनिकेशन के सेमेस्टर 4 के विद्यार्थियों ने ही इसका प्रोडक्शन किया है. प्रो महिमा गोल्डेन बिलुंग के निर्देशन में यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज बनायी गयी है.

Documentary Series: रांची-राजधानी रांची के गोस्सनर कॉलेज के मास कम्युनिकेशन विभाग के विद्यार्थियों द्वारा झारखंड की औषधियों और प्राकृतिक उपचार पर सादरी भाषा में बनायी गयी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘माटी कर औषधि’ बुधवार को रिलीज की गयी. प्रोफेसर इंचार्ज प्रो इलानी पूर्ति, बर्सर प्रो प्रवीण सुरीन, कोर्स को-ऑर्डिनेटर प्रो आशा रानी केरकेट्टा, प्रो महिमा गोल्डेन बिलुंग सहित विभाग के शिक्षकों में संतोष कुमार, तेज मुंडू और मीना झा ने डॉक्यूमेंट्री सीरीज रिलीज की. टीम में एंकर के रूप में रोहित उरांव, सिनेमेटोग्राफर एवं संपादक के रूप में रोशन उरांव तथा प्रोडक्शन मैनेजर के रूप में आकाश खेस शामिल हैं. इस अवसर पर सुनीला सोरेंग, अनूप, साक्षी, कशफ सहित अन्य उपस्थित थे.

बेहतर स्वास्थ्य के लिए शानदार कदम-प्रो इलानी पूर्ति


प्रोफेसर इंचार्ज प्रो इलानी पूर्ति ने कहा कि झारखंड में प्राकृतिक औषधियों का भंडार है. ये बड़ी से बड़ी बीमारियों को जड़ से उखाड़ने में कारगर हैं. जानकारियों के अभाव में लोग इनका उपयोग नहीं कर पाते हैं और बीमारियों में फंस जाते हैं. इससे समय के साथ-साथ पैसों की भी बर्बादी होती है. विद्यार्थियों ने यहां की प्राकृतिक औषधियों पर वीडियो बनाकर लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए शानदार कदम उठाया है. यह वीडियो केवल वीडियो नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में बेहतर कदम है.

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कार्यक्रम में हैं 10 एपिसोड-प्रो महिमा गोल्डेन बिलुंग


डॉक्यूमेंट्री सीरीज की निर्देशक प्रो महिमा गोल्डेन बिलुंग ने कहा कि सादरी भाषा में प्रस्तुत इस कार्यक्रम में 10 एपिसोड हैं. सेमेस्टर 4 के विद्यार्थियों ने ही इसका प्रोडक्शन किया है. हर बुधवार 5 बजे यह कार्यक्रम गोस्सनर कॉलेज मास कम्युनिकेशन विभाग के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया जाएगा.

कई इलाकों में की गयी है माटी कर औषधि की शूटिंग-अनल टोप्पो

सहायक निर्देशक अनल टोप्पो ने कहा कि झारखंड के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में माटी कर औषधि की शूटिंग की गयी है. इसे तैयार करने में किताबें, विशेषज्ञों, शोधार्थियों और परिवार के सदस्यों की सहायता ली गयी है. शूटिंग के दौरान झारखंड के कई अनछुए पहलुओं की जानकारी मिली है. इन 10 एपिसोड में बेंग साग, चकोड़ साग, आम, जामुन, रुगड़ा समेत अन्य प्राकृतिक औषधियां शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

By Guru swarup mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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