RIMS में 184 MBBS विद्यार्थियों के प्रमाण पत्रों की होगी जांच, DC को भेजे जाएंगे दस्तावेज

रिम्स ने एमबीबीएस छात्रों के जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की जांच पूरी कर ली है. फर्जीवाड़े के बाद अब जिलावार प्रमाण पत्र उपायुक्तों को भेजे जा रहे हैं.

रांची. एमबीबीएस में नामांकन लेने वाले 184 विद्यार्थियों के आवासीय और जाति प्रमाण पत्रों को जिलावार अलग कर लिया गया है. अब जिला के आधार पर प्रमाण पत्रों को संबंधित उपायुक्त के भेजा जायेगा. रिम्स के पीआरओ और एडमिशन कमिटी के सदस्य डॉ शिशिर कुमार ने बताया कि प्रमाण पत्र को अलग कर लिया गया है. गुरुवार की शाम से जिलों को कागजात भेजना शुरू कर दिया जायेगा.

तीन विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है रद्द

यहां बता दें कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर दो एमबीबीएस (वर्ष 2025 बैच) और एक डेंटल की छात्रा द्वारा नामांकन लेने का मामला हाल ही में आया था. इसके बाद संबंधित उपायुक्तों को प्रमाण पत्र भेजकर जांच करायी गयी, जिसमें फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई थी. इसके बाद तीनों विद्यार्थियों का नामांकन रद्द कर दिया गया था.

जेसीइसीइबी ने इस बार बरती ज्यादा सख्ती

इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीइसीइबी) द्वारा इस बार ज्यादा सख्ती बरती जा रही है. रिम्स प्रबंधन ने अपने स्तर से जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की जांच के लिए विशेष कमिटी का गठन किया है. इस कमिटी की हरी झंडी के बाद ही इस बार नामांकन लिया गया है.

डीसी की जांच रिपोर्ट तक प्रोविजनल रहेगा नामांकन

हालांकि यह नामांकन भी उपायुक्तों की जांच रिपोर्ट तक प्रोविजनल है. प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.

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By राजीव पांडेय

राजीव पांडेय प्रभात खबर में बतौर चीफ रिपोर्टर कार्यरत हैं. डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की प्रक्रिया में हैं. फिलहाल वह हेल्थ, प्रशासनिक खबरें, गुड न्यूज और लोकल खबरों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे है. इसके अलावा, प्रभात खबर के मल्टी मीडिया की नेशनल और सोशल मीडिया टीम के साथ मिलकर लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स तक प्रभावशाली और भरोसेमंद कंटेंट पहुंचाने का काम कर रहे हैं. राजीव ने प्रिंट मीडिया में अपने करियर की शुरुआत ‘अमर उजाला अखबार’ से की. यहां उन्होंने शिक्षा, रेलवे, धर्म अध्यात्म और जेंडर संवेदनशीलता के साथ सामाजिक मुद्दों को समझा. राजीव हमेशा सीखने में विश्वास रखते है.

राजीव ने रांची विश्वविद्यालय के मारवाड़ी कॉलेज से स्नातक और नैनी के सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर (इलाहाबाद कृषि संस्थान विश्वविद्यालय) के पत्रकारिता विभाग से डिप्लोमा किया है. राजीव पांडेय ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर के रूप में लाइव इंडिया न्यूज चैनल में वर्ष 2006 में पत्रकारिता में कदम रखा. इसके बाद वर्ष 2008 में अमर उजाला के अलीगढ़ यूनिट से जुड़े. वर्ष 2010 में झारखंड के प्रतिष्ठित दैनिक अखबार प्रभात खबर में योगदान दिया.

राजीव को पत्रकारिता में 20 साल का अनुभव है. प्रभात खबर में हेल्थ से जुड़ी कई खबरें ब्रेक की हैं, जिसमें 'स्टेंट के नाम पर लूट', 'हड्डी इंप्लांट' व 'आई के लेंस' और 'सर्जिकल आइटम में मनमाना पैसा वसूलने' की खबर शामिल हैं. प्रभात खबर डिजिटल के लिए 'हेल्थ इज वेल्थ के शो' में झारखंड के 60 से अधिक डाॅक्टरों का 'पॉडकास्ट' किया है. राजीव को वर्ष 2023 में 'लाडली मीडिया नेशनल और साउथ एशिया' अवार्ड से सम्मानित किया गया है. वहीं, चेन्नई की संस्था रीच द्वारा टीबी, डायबिटीज और कैंसर पर फैलोशिप भी मिला है.

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