बिरहोर कॉलोनी में पसरी गंदगी व झाड़ियां

महुआटांड़ में रह रहे बिरहोर समुदाय के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं.

मैक्लुस्कीगंज. खलारी प्रखंड अंतर्गत लपरा पंचायत महुआटांड़ में रह रहे बिरहोर समुदाय के लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं. झारखंड जनशक्ति मोर्चा के अध्यक्ष सह यूनियन नेता शेख वकील अहमद ने समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि आदिम जनजाति समुदाय के लगभग 50 परिवार उक्त पंचायत के महुआटांड़ में निवास करते हैं. सरकार ने बिरहोर समुदाय के संरक्षण के लिए आवास का निर्माण कराकर कॉलोनी बसाया है. लेकिन आवास के निकट चारों तरफ से गंदगी फैली हुई है, आवास आज तक अधूरा है, कॉलोनी में जंगल झाड़ी भी पनप गयी है. पूरा कॉलोनी में झाड़ियां पसर गयी है. कॉलोनी में उभरे गड्ढों में बरसात का पानी जम जाने से बदबू फैल रही है. मच्छरों व जहरीले सांपों का भी खतरा बना रहता है. बिरहोरों के प्याऊ के लिए सोलर सिस्टम का निर्माण कराया गया है, चापानल है, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते पानी टंकी तक नहीं पहुंच पा रहा है. वहीं समुदाय के कई बच्चें व बुजुर्गों में स्वास, आंख व अन्य बीमारियों के लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं. झारखंड जनशक्ति मोर्चा के अध्यक्ष सह यूनियन नेता शेख वकील अहमद ने कहा कि बिरहोर समुदाय संरक्षित जनजाति है, सरकार ने इस समुदाय के जीवन यापन, रोजगार के लिए कई तरह की योजनाएं चला रखी है. इसके बावजूद बिरहोर समुदाय के प्रति लापरवाही निंदनीय है. आदिवासी युवा नेता सह कांके विधायक प्रतिनिधि खलारी के शशि मुंडा ने बिरहोर टोला में स्वास्थ्य सुविधा सहित अन्य समस्याओं से स्थानीय प्रशासन को ध्यानाकर्षित करते हुए जल्द ही कॉलोनी में सफाई करा कर मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी मुहैया कराने व बिरहोर टोला में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की मांग की है.

आदिम जनजाति बिरहोर के 50 परिवार पंचायत के महुआटांड़ में रहते हैं

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Published by: Rohit kumar maht

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