वरीय संवाददाता, रांची. नक्सल अभियान के दौरान आइइडी विस्फोट में शहीद हुए जवान सुनील धान की घटना को लेकर चाईबासा में चलाये जा रहे नक्सल अभियान की समीक्षा रविवार को डीजीपी अनुराग गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय में की. इस दौरान डीजीपी ने पहले विस्तार से पूरी घटना की जानकारी ली. इसके बाद निर्देश दिया कि अभियान के दौरान इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये. उन्होंने पूरी घटना की चाईबासा जाकर खुद से समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है. वह सोमवार को पुलिस अधिकारियों के साथ चाईबासा जायेंगे. डीजीपी के साथ आइजी सीआरपीएफ, आइजी अभियान और आइजी स्पेशल ब्रांच भी साथ जायेंगे. समीक्षा में डीजीपी के साथ आइजी सीआरपीएफ साकेत कुमार सिंह, आइजी अभियान एवी होमकर के अलावा सीआरपीएफ और पुलिस मुख्यालय के अन्य अधिकारी थे. चाईबासा जिला के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए. मालूम हो कि नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने सीआरपीएफ और एसटीएफ के साथ शनिवार को संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया गया. यह अभियान छोटानागरा और जराईकेला थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके के जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में किया गया था. लेकिन इस दौरान नक्सलियों के द्वारा पहले पुलिस पर फायरिंग की गयी और इसके बाद पहले से लगाये गये आइइडी को विस्फोट कर दिया गया. जब पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई की गयी, तब नक्सली भागने लगे. लेकिन आइइडी विस्फोट की घटना में कोबरा का एक जवान विष्णु सैनी और झारखंड जगुआर का एक जवान सुनील धान गंभीर रूप से घायल हो गये थे. घायल दोनों जवानों को तत्काल इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची लाया गया था. लेकिन इलाज के क्रम में विष्णु धान शहीद हो गया था.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
