लक्ष्य से एक मिलियन टन अधिक कोयला उत्पादन का रिकॉर्ड

जमीन संबंधी समस्याओं के बावजूद पिपरवार क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य से अधिक कोयला उत्पादन किया है.

प्रतिनिधि, पिपरवार जमीन संबंधी समस्याओं के बावजूद पिपरवार क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य से अधिक कोयला उत्पादन किया है. अशोक परियोजना ने 7518430 टन (7.5 मिलियन टन) कोयला उत्पादन किया. डाउन फॉल में चल रहे परियोजना ने मार्च में रेकाॅर्ड 790134 टन कोयला उत्पादन किया. 31 मार्च को 30004 टन कोयला उत्पादन करने में सफल रहा. इसी प्रकार पिछले वित्तीय वर्ष में अशोक परियोजना की ओर से 6106015 वर्ग घन मीटर ओवर बर्डेन निकाला गया. पिपरवार क्षेत्र ने रेल और रोड मोड के माध्यम से 7.3 मिलियन टन कोयला डिस्पैच किया. कुल 2027 रैक कोयला डिस्पैच किया गया. बचरा साइडिंग से 805, आरसीएम साइडिंग से 181, राजधर साइडिंग से 836 व सेलो से 205 रैक कोयला डिस्पैच किया गया. इसके अलावा आरसीआर मोड से 323 रैक कोयला डिस्पैच किया गया. वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 41232.88 टन रॉ व वॉश कोल डिस्पैच किया गया. इसमें 5309 टन कोयला अलग से डिस्पैच किया गया. अशोक परियोजना के पीओ जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा पूरा वर्ष परियोजना को एक-एक इंच जमीन के लिए जद्दोजहद करना पड़ा. परियोजना 6.5 मिलियन टन का उत्पादन लक्ष्य दिसंबर में प्राप्त कर लिया था. लक्ष्य से अधिक उत्पादन टीम भावना से संभव हो सका. उन्होंने सीसीएल अधिकारियों-कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग मजदूरों, श्रमिक प्रतिनिधियों और विस्थापित ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया.

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Published by: Jitendra rana

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