रांची: TDPL के जरिए हुई परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) झारखंड ने छात्रों के लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत बताया है. SFI झारखंड ने हालांकि स्पष्ट किया कि संगठन की लड़ाई केवल परीक्षा को रद्द कराने तक सीमित नहीं है. SFI ने मांग की है कि रद्द की गई सभी परीक्षाओं की पुनर्परीक्षा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के, पूरी पारदर्शिता और निश्चित समयसीमा के भीतर कराई जाए.
2014 से हुई गड़बड़ियों की हो जांच
SFI ने मांग की है कि 2014 से अब तक भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही, सरकार स्पष्ट परीक्षा एवं नियुक्ति कैलेंडर जारी करे, ताकि झारखंड के लाखों छात्र वर्षों तक परीक्षा और नियुक्ति का इंतजार करने के लिए मजबूर न हों.
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SFI झारखंड का स्पष्ट कहना है कि परीक्षा रद्द करना पहला कदम है. पारदर्शी परीक्षा, समयबद्ध नियुक्ति और दोषियों पर कार्रवाई अगली लड़ाई है. छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता SFI बर्दाश्त नहीं करेगा. शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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