Jharkhand Crime News: जनवरी में झारखंड में 127 लोगों का हुआ मर्डर, सबसे ज्यादा रांची में

Crime News Jharkhand: झारखंड में सिर्फ एक माह में 127 मर्डर हुए. सबसे ज्यादा हत्या की वारदात राजधानी रांची में हुई. एकमात्र जिला कोडरमा में कोई मर्डर नहीं हुआ.

Crime News Jharkhand| रांची, लीजा बाखला : झारखंड में एक महीने में 127 मर्डर हुए हैं. हत्या के सबसे ज्यादा मामले राजधानी रांची में दर्ज किये गये हैं. ये हम नहीं कह रहे. झारखंड पुलिस का रिकॉर्ड कह रहा है. झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर जो आंकड़े उपलब्ध हैं, वह बताता है कि मर्डर के मामले में राजधानी रांची नंबर वन पर रहा. यहां साल के पहले महीने में यानी जनवरी 2025 में 13 लोगों का मर्डर कर दिया गया. दूसरे नंबर पर पलामू और तीसरे नंबर पर बाबानगरी देवघर है. इसके बाद सरायकेला-खरसावां, गढ़वा, हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिले आते हैं. कोडरमा एकमात्र जिला है, जहां जनवरी 2025 में कोई मर्डर नहीं हुआ.

पलामू और देवघर में 10-10 लोगों की हुई हत्या

झारखंड पुलिस के आंकड़े बता रहे हैं कि रांची के सबसे ज्यादा मर्डर पलामू में हुए. यहां 10 लोगों की हत्या कर दी गयी. बाबानगरी देवघर में 10 लोगों का मर्डर जनवरी के महीने में हुआ. सरायकेला-खरसावां जिले में 8, गढ़वा, हजारीबाग, गिरिडिह और बोकारो में 7-7 मर्डर हुए हैं. गोड्डा और पूर्वी सिंहभूम जिले में हत्या के 6-6 मामले सामने आये. धनबाद, रामगढ़ और दुमका में 4-4 लोगों की हत्या जनवरी के महीने में कर दी गयी.

प्रभात खबर प्रीमियम स्टोरी: F1 Visa Cancelled: हमास का समर्थन किया तो नहीं पढ़ पाएंगे अमेरिका में, ट्रंप की कड़ी कार्रवाई

संताल परगना में सबसे कम हत्या की वारदात जामताड़ा में

संताल परगना के साहिबगंज में 5, पाकुड़ में 3 लोगों का मर्डर कर दिया गया. जामताड़ा में एक व्यक्ति की हत्या हुई. चतरा, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा और खूंटी जिले में 3-3 लोगों का मर्डर हुआ. पश्चिमी सिंहभूम और गुमला जिले में 5-5 लोगों की जनवरी 2025 में हत्या कर दी गयी. झारखंड में व्यक्तिगत विवाद, भूमि विवाद, आपसी रंजिश समेत अन्य मामलों में ये हत्याएं हुईं हैं.

जनवरी 2025 में किस जिले में कितनी हत्याएं हुईं

जिला का नामहत्या के मामले
रांची13
पलामू10
देवघर10
सारायकेला-खरसावां8
गढ़वा7
हजारीबाग7
गिरिडीह7
बोकारो7
धनबाद4
दुमका4
गोड्डा6
जामताड़ा1
साहिबगंज5
पाकुड़3
चतरा3
रामगढ़4
खूंटी3
गुमला5
सिमडेगा3
लोहरदगा3
पश्चिमी सिंहभूम5
पूर्वी सिंहभूम6
लातेहार3
कोडरमा0
स्रोत : झारखंड पुलिस

इसे भी पढ़ें

19 मार्च को आपको कितने में मिलेगा 14 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें कीमत

अपराधियों के निशाने पर कोयला कारोबारी, रंगदारी वसूलने के लिए सक्रिय हैं ये गिरोह

Aaj Ka Mausam: अधिकतम और न्यूनतम तापमान में आयी गिरावट, गर्मी से मिली राहत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >