Hindi Diwas 2022: हिंदी दिवस पर रांची के प्रोजेक्ट भवन में समारोह, CM हेमंत सोरेन होंगे मुख्य अतिथि

आज हिंदी दिवस मनाया जा रहा है. इस दिन को मनाने की शुरूआत 1954 से हुई थी. साल 1949 में 14 सिंतबर के दिन ही संविधान सभा द्वारा हिन्दी को राज भाषा का दर्जा दिया था. हिंदी दिवस पर रांची के प्रोजेक्ट भवन में समारोह का आयोजन किया जाएगा. इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.

Hindi Diwas 2022: हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस (Hindi Diwas) मनाया जाता है. हिंदी भाषा को पसंद करने वाले लोगों के लिए 14 सितंबर  यानी आज का दिन बेहद महत्व रखता है. हिंदी दिवस पर रांची के प्रोजेक्ट भवन सभागार में दोपहर 1.30 बजे समारोह का आयोजन किया जाएगा. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से समारोह का आयोजन किया जाएगा. इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.

बीआइटी मेसरा ने बनाया साॅफ्टवेयर ‘कंठस्थ’

बीआइटी मेसरा के राजभाषा विभाग और सीडेक-पुणे ने मिलकर अनुवाद सॉफ्टवेयर ‘कंठस्थ’ तैयार किया है. यह सॉफ्टवेयर स्मृति आधारित अनुवाद कर सकेगा. हिंदी दिवस के मौके पर इस सॉफ्टवेयर के इंस्टाॅलेशन और इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण सत्र में विद्यार्थी और विभिन्न विभाग के प्राध्यापक मौजूद थे. सॉफ्टवेयर मोबाइल ऐप वर्जन में भी उपलब्ध होगा. इसका उद्देश्य संस्था में हिंदी भाषा के प्रयोग से काम को आसान बनाना है. हिंदी प्रकोष्ठ के डॉ पीयूष तिवारी ने बताया कि सॉफ्टवेयर की मदद से विभिन्न विभागों के टेक्निकल विषयों का हिंदी में अनुवाद किया जा सकेगा. इसके साथ ही संस्था में पत्र और पत्रिकाएं अब हिंदी में भी तैयार की जायेंगी. साथ ही विभिन्न विभाग में हिंदी को भी प्रमुखता दी जायेगी.

चलाया जा रहा हिंदी पखवाड़ा

हिंदी दिवस के मौके पर बीआइटी मेसरा में 10 से 14 सितंबर तक हिंदी पखवाड़ा मनाया जा रहा है. इस क्रम में विद्यार्थियों के बीच हिंदी निबंध लेखन, वाद-विवाद, हिंदी टंकण प्रतियोगिता समेत अन्य का आयोजन हो रहे हैं. यह कार्यक्रम उप हिंदी अधिकारी डॉ अमित कुमार तिवारी और लिटरेरी सोसाइटी के डॉ नीरज सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है.

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जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा के नौ विभागों में 95% शोधपत्र हिंदी में

रांची विवि के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा के नौ विभाग हैं. इनमें नागपुरी, कुड़ुख, हो, पंच परगनिया, खड़िया, नागपुरी, मुंडारी, संथाली और खोरठा की पढ़ाई होती है. रांची विवि नागपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश नंद तिवारी कहते हैं कि जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा के 95 प्रतिशत विद्यार्थी अपना शोधपत्र हिंदी में ही जमा करते हैं.

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