प्रभात एक्सक्लूसिव
रांची से सुनील कुमार झा की रिपोर्ट
रांची: CBSE 10वीं रिजल्ट जारी होने के बाद स्कूलों की ओर से घोषित टॉपर्स और बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है. रिजल्ट के दिन राज्य के कई स्कूलों ने अपने विद्यार्थियों के 99% या इससे अधिक अंक हासिल करने का दावा किया था. लेकिन CBSE की ओर से शिक्षा विभाग को उपलब्ध करायी गयी आधिकारिक प्राप्तांक सूची में झारखंड में किसी भी विद्यार्थी के 99% अंक नहीं हैं.
CBSE के आधिकारिक प्राप्तांक के आधार पर 494 अंक यानी 98.8% हासिल करने वाले धनबाद के प्रणय गिरी, रांची के सौरभ कुमार और देवघर के स्वास्तिक राज संयुक्त रूप से झारखंड के स्टेट टॉपर बने हैं. तीनों ने 500 में 494 अंक हासिल किये हैं.
यह जानकारी इसलिए भी अहम है क्योंकि राज्य सरकार हर वर्ष JAC, CBSE और ICSE बोर्ड के टॉपर्स को सम्मानित करती है. इसी के लिए शिक्षा विभाग संबंधित बोर्ड से आधिकारिक टॉपर सूची मांगता है. इस बार CBSE ने शिक्षा विभाग को राज्य के विद्यार्थियों के प्राप्तांक की सूची उपलब्ध करायी है. इसी सूची के आधार पर यह टॉपर लिस्ट तैयार की गयी है.
यह भी पढ़ें : झारखंड को हर साल 14 हजार करोड़ का नुकसान? नए खनन कानून पर वित्त मंत्री का बड़ा दावा
स्कूलों के 99% दावे और CBSE के आंकड़ों में इतना अंतर क्यों?
पड़ताल में सबसे चौंकाने वाली बात राजधानी के एक स्कूल से सामने आयी. रिजल्ट जारी होने के दिन स्कूल ने अपने एक विद्यार्थी के 99.6% अंक होने की जानकारी दी थी. लेकिन CBSE की ओर से शिक्षा विभाग को दी गयी जानकारी में उसी विद्यार्थी के 98% अंक हैं.
इसी स्कूल ने एक अन्य छात्रा के 99.4% अंक होने का दावा किया था, जबकि आधिकारिक प्राप्तांक में उसे 98.6% अंक मिले हैं.
राजधानी के ही एक अन्य स्कूल ने एक विद्यार्थी के 99.4% अंक बताये थे. CBSE के आधिकारिक आंकड़ों में उसके अंक 98.8% हैं. यानी स्कूलों द्वारा घोषित प्रतिशत और बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों में स्पष्ट अंतर है.
स्कूलों की ओर से घोषित आंकड़ों के आधार पर जिन्हें स्टेट टॉपर बताया गया था, उनमें से कुछ विद्यार्थी CBSE की आधिकारिक सूची में टॉप थ्री में भी शामिल नहीं हैं.
आखिर स्कूलों के प्रतिशत में अंतर कैसे आया?
इस अंतर की एक बड़ी वजह CBSE के रिजल्ट में अंक जारी करने का तरीका बताया जा रहा है. CBSE मुख्य रूप से विषयवार प्राप्तांक जारी करता है, जबकि कुल प्रतिशत अलग से नहीं देता.
CBSE 10वीं में विद्यार्थी छह विषयों की परीक्षा देते हैं. इनमें एक विषय अतिरिक्त यानी एडिशनल होता है. स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार इन अंकों से प्रतिशत निकालते हैं.
कई स्कूल बेस्ट फाइव विषयों के आधार पर प्रतिशत निकालते हैं. इसमें कम अंक वाले विषय को हटाकर एडिशनल विषय के अंक जोड़ दिये जाते हैं. इससे विद्यार्थी का प्रतिशत बढ़ सकता है.
कुछ स्कूल सभी छह विषयों के अंक जोड़कर भी प्रतिशत निकालते हैं. यही वजह है कि स्कूल द्वारा घोषित प्रतिशत और CBSE के आधिकारिक प्राप्तांकों के आधार पर निकाले गये प्रतिशत में अंतर देखने को मिल रहा है.
पूर्व CBSE को-ऑर्डिनेटर ने क्या बताया?
डॉ मनोहर लाल, पूर्व को-ऑर्डिनेटर, CBSE रांची जोन और CM School of Excellence के सरकारी सलाहकार, के अनुसार स्कूल सामान्यत: बेस्ट फाइव के आधार पर प्राप्तांक जोड़कर रिजल्ट जारी कर देते हैं, जबकि CBSE मुख्य पांच विषयों के प्राप्तांक के आधार पर अंक देता है. इसी कारण प्राप्तांक में अंतर आता है.
यह भी पढ़ें : Sugar Price Hike: भारत में चीनी 55 रुपये के पार, सरकार ने रेड रॉट और एल्निनो को ठहराया जिम्मेदार; विपक्ष ने एथेनॉल पर घेरा
98.8% वाले तीन विद्यार्थी बने संयुक्त स्टेट टॉपर
CBSE की ओर से उपलब्ध करायी गयी आधिकारिक सूची के अनुसार झारखंड में सबसे अधिक 494 अंक यानी 98.8% हासिल करने वाले तीन विद्यार्थी हैं.
| रैंक | विद्यार्थी | स्कूल | अंक | प्रतिशत |
| 1 | प्रणय गिरी | धनबाद पब्लिक स्कूल, धनबाद | 494 | 98.8% |
| 1 | सौरभ कुमार | टेंडर हार्ट स्कूल, रांची | 494 | 98.8% |
| 1 | स्वास्तिक राज | जीडी पब्लिक स्कूल, देवघर | 494 | 98.8% |
इस तरह तीनों विद्यार्थी संयुक्त रूप से झारखंड के स्टेट टॉपर हैं. राज्य में इस साल 99% अंक का आंकड़ा पार करने वाला कोई विद्यार्थी नहीं है.
टॉप थ्री में 11 विद्यार्थी, रांची के सबसे ज्यादा
CBSE की आधिकारिक सूची में टॉप थ्री में कुल 11 विद्यार्थी शामिल हैं. इनमें रांची के चार, देवघर के तीन, धनबाद के दो और बोकारो व हजारीबाग के एक-एक विद्यार्थी हैं.
494 अंक के बाद 493 अंक यानी 98.6% हासिल करने वाले चार विद्यार्थी दूसरे स्थान पर हैं. वहीं 492 अंक यानी 98.4% हासिल करने वाले चार विद्यार्थी तीसरे स्थान पर हैं.
98.6% वाले विद्यार्थी
- अनंत कृति — रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर — 493 अंक — 98.6%
- हर्ष राज — DAV मॉडल स्कूल, धनबाद — 493 अंक — 98.6%
- धार्य वर्णवाल — DPS रांची — 493 अंक — 98.6%
- साधना आर्या — DPS रांची — 493 अंक — 98.6%
98.4% वाले विद्यार्थी
- शुभ कुमार सिंह — DPS बोकारो — 492 अंक — 98.4%
- सिद्धांत कुमार — RKV विद्या मंदिर, जसीडीह, देवघर — 492 अंक — 98.4%
- अमन कुमार — DAV पब्लिक स्कूल, हजारीबाग — 492 अंक — 98.4%
- ईशान राज — DPS रांची — 492 अंक — 98.4%
टॉप फाइव में 26 विद्यार्थी
CBSE द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूची के अनुसार झारखंड में सबसे अधिक अंक हासिल करने वाले टॉप फाइव में कुल 26 विद्यार्थी शामिल हैं. 494 अंक वाले विद्यार्थी संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं, जबकि 490 अंक यानी 98% वाले विद्यार्थी पांचवें स्थान पर हैं.
यानी 494 से 490 अंक के बीच कुल 26 विद्यार्थी शामिल हैं.
स्कूलों के दावों से क्यों पैदा हुआ भ्रम?
CBSE रिजल्ट जारी होने के बाद अलग-अलग स्कूलों ने अपने विद्यार्थियों के प्रतिशत के आधार पर टॉपर्स की घोषणा की. ऐसे में कई विद्यार्थियों के 99% से अधिक अंक होने की खबर सामने आयी. लेकिन अब शिक्षा विभाग को मिली CBSE की आधिकारिक सूची से तस्वीर अलग दिखाई दे रही है.
इससे यह साफ होता है कि स्कूलों द्वारा जारी प्रतिशत को सीधे CBSE का आधिकारिक प्रतिशत मान लेना सही नहीं है. विषयवार प्राप्तांक और प्रतिशत निकालने के तरीके में अंतर के कारण टॉपर्स की स्थिति भी बदल सकती है.
राज्य सरकार द्वारा बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित किये जाने के कारण CBSE की ओर से उपलब्ध करायी गयी यह आधिकारिक सूची अब ज्यादा महत्वपूर्ण हो गयी है. इसी आधार पर झारखंड के वास्तविक CBSE टॉपर्स की तस्वीर सामने आयी है.
