राष्ट्रीय धरोहर के मापदंडों को पूरा नहीं करता रांची के टैगोर हिल का ब्रह्म मंदिर

खंडपीठ ने प्रार्थी को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के शपथ पत्र पर जवाब दायर करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी.

झारखंड हाइकोर्ट ने रांची के टैगोर हिल के ऊपर स्थित ऐतिहासिक ब्रह्म मंदिर के संरक्षण व राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, केंद्र सरकार की ओर से दायर शपथ पत्र को देखा.

इसके बाद खंडपीठ ने प्रार्थी को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के शपथ पत्र पर जवाब दायर करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी. इससे पूर्व केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने खंडपीठ को बताया कि मोरहाबादी स्थित टैगोर हिल के ऊपर स्थित ब्रह्म मंदिर राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने के मापदंडों को पूरा नहीं करता है.

इसमें कलात्मक ऐतिहासिक विशेषताएं भी नहीं हैं. वैसी स्थिति में इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित नहीं किया जा सकता है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी सोसाइटी ऑफ प्रिजर्वेशन ऑफ ट्राइबल कल्चर एंड नेचुरल ब्यूटी की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है. प्रार्थी ने ब्रह्मा मंदिर को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >