रांची.
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा संविधान की प्रस्तावना से धर्मनिरपेक्ष व समाजवादी शब्द को हटाये जाने की बात पर आपत्ति जतायी है. उन्होंने कहा कि दलितों, पिछड़ों व आदिवासियों के अधिकारों को छीनने और अल्पसंख्यकों के दमन के लिए भाजपा आरएसएस के इशारे पर संविधान को बदलने का प्रयास कर रही है. भाजपा की मंशा है कि वह हजारों वर्ष पहले की वर्ण व्यवस्था को देश में लागू करे, लेकिन भारतीय संविधान उन्हें ऐसा करने से रोकता है. इसलिए भाजपा इसमें बदलाव चाहती है. उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी संविधान की प्रस्तावना के सिर्फ दो शब्द नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को विश्व जगत में दशकों से प्रतिबिंबित करने का मूल है. इस पर देश की जनता को अभिमान है.राहुल गांधी के नेतृत्व में संविधान बचाने की लड़ाई लगातार जारी है
श्री शांति ने कहा कि भाजपा के मूल उद्देश्य संविधान को बदलने की मंशा सच साबित हो रही है. लेकिन, संविधान बचाने की लड़ाई राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी शब्द में पूरे भारत की जनता समाहित होती है. धर्मनिरपेक्ष शब्द जहां देश की धार्मिक एकता एवं अखंडता प्रदर्शित करता है. वहीं, समाजवादी शब्द सभी जातियों के सम्मान और अधिकार को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि भाजपा को संविधान से चिढ़ है. क्योंकि यह समानता, अधिकार, न्याय और देश की अखंडता की बात करता है.
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