रांची से सतीश कुमार की रिपोर्ट
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्य सचिव से मिलकर ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन के माध्यम से JPSC-JSSC द्वारा ली गई विभिन्न परीक्षाओं में हुई व्यापक धांधली की सीबीआई जांच कराने और झारखंड के विभिन्न थानों में छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे अविलंब रद्द करने की मांग की गई है.
छात्र आंदोलन की FIR रद्द करने की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में झारखंडी छात्रों ने लगभग एक महीने तक लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया था. इस दौरान और उसके बाद छात्रों की आवाज दबाने के लिए राज्य के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज की गई. भाजपा ने सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया है, जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में छात्र आंदोलन के दौरान किए गए एफआईआर को तत्काल रद्द करने का निर्देश दिया गया है.
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पार्टी ने राज्य सरकार के समक्ष मुख्य रूप से तीन प्रमुख मांगें रखी
1. छात्र आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों पर राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज एफआईआर को अविलंब रद्द किया जाए.
- सरकार जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की धांधली को स्वीकार करते हुए रद्द एवं स्थगित की गई सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच की अनुशंसा करे.
3. आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद समान रूप से दोषी अन्य सदस्यों की भी तुरंत गिरफ्तारी हो और जिन पदाधिकारियों के मातहत कनिष्ठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है, उन पदाधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाए.
मौके पर कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं के हित में इन मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया, तो पार्टी बाध्य होकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी झारखंड सरकार की होगी. ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित कई अन्य विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल रहे.
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