रांची में नशे के कारोबार पर भाजपा ने सरकार को घेरा, स्कूल-कॉलेजों के पास CCTV और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग

भाजपा ने झारखंड सरकार पर नशे के कारोबार को रोकने में विफलता का आरोप लगाया है. पार्टी ने राजधानी रांची में स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर चिंता जताई है.

रांची. झारखंड में नशे के कारोबार और आपराधिक घटनाओं को लेकर भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार नशामुक्त झारखंड की बात कर रही है, वहीं राजधानी रांची में खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है.

राफिया नाज ने कहा कि रांची में महिला कॉलेज, अस्पतालों और सरकारी स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि इससे अभिभावक अपने बच्चों और बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने छेड़छाड़ और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि इससे महिलाओं की आवाजाही प्रभावित हो रही है.

नशामुक्त अभियान पर उठाये सवाल

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने जून 2026 में चलाये गये नशामुक्त झारखंड जागरूकता अभियान को लेकर भी सवाल उठाये. राज्य सरकार ने 15 जून को राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया था. अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन, तस्करी और इसके दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना था.

राफिया नाज ने कहा कि केवल जागरूकता अभियान से काम नहीं चलेगा और जनता जमीन पर परिणाम चाहती है. उन्होंने सरकार से छोटे विक्रेताओं तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय नशीले पदार्थों के पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच करने की मांग की.

स्कूल-कॉलेज के आसपास सुरक्षा क्षेत्र बनाने की मांग

राफिया नाज ने स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों के आसपास विशेष नशामुक्त सुरक्षा क्षेत्र बनाने की मांग की. उन्होंने इन इलाकों में नियमित पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.

उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथ में किताब और बेटियों के कदमों में आजादी होनी चाहिए. इसके लिए नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है.

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By सतीश सिंह

मीडिया जगत में 25 से अधिक वर्षों का वृहद और समृद्ध अनुभव रखने वाले सतीश सिंह निष्पक्षता, तथ्यात्मकता और खोजी पत्रकारिता के पर्याय हैं. 'प्रभात खबर' के प्रमुख संवाददाता के रूप में अपनी 22 वर्षों की लंबी और समर्पित यात्रा के दौरान उन्होंने हमेशा सत्य और सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता दी है. रांची में रहते हुए उन्होंने लगातार 15 वर्षों तक झारखंड हाइकोर्ट की रिपोर्टिंग की, जहां न्याय प्रणाली, संवैधानिक पेचीदगियों और जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों को बेहद सरलता और गहराई के साथ पाठकों तक पहुंचाया. वर्तमान में वह झारखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, नीतिगत सुधारों और विभागीय कार्यप्रणालियों की गहन रिपोर्टिंग कर रहे हैं. उनके लेखन का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक व प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति समाज को जागरूक करना और पाठकों को सटीक, निष्पक्ष और विश्लेषणपरक समाचार उपलब्ध कराना है.

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