रांची. प्रदेश भाजपा ने 150 करोड़ रुपये से अधिक के कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर जांच के नाम पर खानापूर्ति करने और मामले को दबाने का आरोप लगाया है. प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि हजारीबाग, बोकारो, रांची, देवघर, पलामू, गोड्डा, जमशेदपुर, रामगढ़ और चाईबासा समेत कई जिलों के कोषागारों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं को केवल निचले स्तर के कुछ कर्मचारियों तक सीमित कर देना बड़ी मछलियों को बचाने का प्रयास है.
उच्च स्तर की स्वीकृति और निगरानी पर उठाये सवाल
अजय साह ने कहा कि सरकारी कोष से इतनी बड़ी राशि की निकासी बिना उच्च स्तर की स्वीकृति और निगरानी के संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि कोषागार से निकासी और वित्तीय प्रक्रिया में जिले के एसपी यानी डीडीओ की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. इसके बावजूद इतनी बड़ी राशि की कथित अनियमित निकासी के मामले में संबंधित जिलों के तत्कालीन और वर्तमान एसपी पर कोई कार्रवाई नहीं होना सवाल खड़े करता है.
वित्त मंत्री पर भी साधा निशाना
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर पर निशाना साधते हुए अजय साह ने कहा कि वित्त विभाग की देखरेख में हुए इस घोटाले पर जवाब देने के बजाय वे केंद्र सरकार पर वित्तीय संकट का ठीकरा फोड़ रहे हैं.
भाजपा ने मांग की है कि एसआइटी और सीआइडी की जांच को निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रखा जाये. पार्टी ने पूरे प्रशासनिक और वित्तीय तंत्र की जवाबदेही तय करने और मामले में संलिप्त सभी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है.
