बेंगलुरु-रांची फ्लाइट में यात्री की तबीयत बिगड़ी, ऑक्सीजन देकर बचायी जान

एयर इंडिया एक्सप्रेस की बेंगलुरु-रांची फ्लाइट में एक यात्री को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी. चालक दल ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत ऑक्सीजन दी, जिससे यात्री की जान बचाई जा सकी. इस घटना के कारण फ्लाइट को 4 घंटे से अधिक की देरी हुई.

Air India Express Bengaluru Ranchi flight: एयर इंडिया एक्सप्रेस की बेंगलुरु-रांची फ्लाइट में रविवार की सुबह एक यात्री को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी. ऐन मौके पर चालक दल ने तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध करायी, जिसके बाद यात्री की स्थिति स्थिर हुई. रांची में फ्लाइट के उतरने पर दिल्ली से पर्याप्त ऑक्सजीन मंगायी गयी, जिसके बाद फ्लाइट चार घंटे 16 मिनट की देरी से दोपहर 1.51 बजे रवाना हुई. एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (आइएक्स 1239) सुबह 8.55 बजे रांची एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी. इससे पहले विमान ने बेंगलुरु से सुबह 6.35 बजे रांची के लिए उड़ान भरी थी. इधर फ्लाइट के रांची पहुंचने पर एयरपोर्ट पर यात्री की स्वास्थ्य जांच की गयी, जिसमें उसकी स्थिति सामान्य और स्थिर मिली. फिर उसे घर जाने की अनुमति दी गयी. 

ऑक्सीजन की कमी से फ्लाइट लेट 

एयरलाइंस के अधिकारी ने बताया कि यात्री को ऑक्सीजन दिये जाने के बाद विमान में पर्याप्त ऑक्सीजन बोतलों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है. इसके लिए दिल्ली से आने वाली फ्लाइट की मदद ली गयी. दिल्ली से ऑक्सीजन की बोतलें मंगाने के बाद विमान में जरूरी व्यवस्था पूरी की गयी. वहीं सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बाद फ्लाइट (आइएक्स 1244) ने दोपहर 1.51 बजे रांची एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी. कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्रियों की बढ़ी परेशानी : फ्लाइट में लंबी देरी के कारण बेंगलुरु जानेवाले यात्रियों को रांची एयरपोर्ट पर कई घंटे इंतजार करना पड़ा. हालांकि एयरलाइंस द्वारा उन्हें नाश्ता दिया गया. सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हुई, जिन्हें बेंगलुरु से आगे दूसरे शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़नी थी. फ्लाइट के निर्धारित समय से काफी देर से रवाना होने के पांच यात्रियों ने अपना टिकट रिफंड करा लिया. 

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विमान में ऑक्सीजन की व्यवस्था 

यात्रियों के लिए : सीटों के ऊपर इमरजेंसी केमिकल ऑक्सीजन जनरेटर होते हैं, जो केबिन प्रेशर घटने पर 12-15 मिनट तक आपूर्ति देते हैं. 

पायलटों के लिए : कॉकपिट में अलग हाई-प्रेशर ऑक्सीजन प्रणाली होती है, जो अत्यधिक ऊंचाई पर भी काम करती है. 

केबिन क्रू के लिए : उड़ान में पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलिंडर रखे जाते हैं, ताकि इन-फ्लाइट मेडिकल इमरजेंसी में यात्रियों को तत्काल राहत दी जा सके. 

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार के कहा 

फ्लाइट में एक यात्री की तबीयत बिगड़ गयी थी, जिन्हें ऑक्सीजन दी गयी. नियम के अनुसार पर्याप्त ऑक्सीजन होने के बाद ही विमान उड़ान भर सकता है. इस कारण ऑक्सीजन बोतल दूसरी फ्लाइट से दिल्ली से मंगाई गयी. इसके बाद फ्लाइट ने दोपहर 1.51 बजे राची से उड़ान भरी. 

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लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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