नगड़ी जमीन आंदोलन के 13 साल पुराने मामले में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की सहित 10 आरोपी बरी

Bandhu Tirkey Acquitted: नगड़ी जमीन विवाद मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की समेत 10 लोगों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. जमीन बचाने के लिए राजभवन का घेराव किया गया था. इसमें से 27 लोगों के खिलाफ कांके थाना में कांड संख्या- 609/2012 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.

Bandhu Tirkey Acquitted: नगड़ी की जमीन बचाने की मांग पर राजभवन के घेराव के 13 साल पुराने मामले में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, विधायक अरूप चटर्जी सहित 10 आरोपियों को अदालत ने 15 सितंबर को पुख्ता साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, विधायक अरूप चटर्जी, पूर्व सांसद सालखन मुर्मू, पूर्व विधायक विनोद सिंह, समाजसेवी दयामनी बारला, नंद कच्छप, किशोर महतो, राजेंद्र महतो, सज्जाद अंसारी और समनुर मंसूरी को साक्ष्य के अभाव में बरी किया.

अभियोजन ने 6 लोगों की गवाही करवायी

सुनवाई को दैरान अभियोजन ने 6 गवाहों की गवाही करायी. उसमें 5 गवाह ने ही गवाही दी. छठा गवाह मामले के आइओ की गवाही नहीं हो पायी, क्योंकि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं. मामला वर्ष 2012 का है, जिसमें नगड़ी की जमीन के अधिग्रहण के खिलाफ पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, विधायक अरूप चटर्जी समेत कई सामाजिक संगठनों के द्वारा जनआंदोलन किया गया था.

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जमीन बचाने के लिए हुआ था राजभवन का घेराव

जमीन बचाने के लिए राजभवन का घेराव किया गया था. इसमें से 27 लोगों के खिलाफ कांके थाना में कांड संख्या- 609/2012 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. मामले में बंधु तिर्की सहित 10 पर आरोप गठित किया गया था. बता दें कि नगड़ी की जिस जमीन को लेकर वर्ष 2012 में जनांदोलन किया था, उसी जमीन को बचाने के लिए मौजूदा समय में भी आंदोलन किया जा रहा है.

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By Mithilesh Jha

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