बाबूलाल मरांडी बोले- कांग्रेस के एजेंडे में कभी नहीं रहा आदिवासी, दलित और पिछड़ों का उत्थान

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को आदिवासी विकास की चिंता होती तो अलग झारखंड राज्य का सपना पूरा करने के लिए भाजपा की सरकार की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती.

रांची: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राजकुमार को आज आदिवासी, दलित, पिछड़ों की याद आ रही है, लेकिन अब पछताये क्या, जब चिड़िया चुग गयी खेत. राहुल गांधी जितनी यात्रा कर सकते हैं कर लें, लेकिन जनता का विश्वास कांग्रेस से उठ चुका है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आदिवासी, दलित, पिछड़ों को केवल वोट बैंक समझा. इनके उत्थान की चिंता कभी नहीं की. अगर कांग्रेस पार्टी को आदिवासी विकास की चिंता होती तो अलग झारखंड राज्य का सपना पूरा करने के लिए भाजपा की सरकार की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती.

कांग्रेस पार्टी तो आंदोलन का मोलभाव करती रही. उन्होंने कहा कि दलितों का सम्मान कांग्रेस पार्टी कितना करती है, इसी पता चलता है कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न कब मिला. इसी से पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी दलितों का कितना सम्मान करती है. कहा कि धारा 370 के कारण जम्मू कश्मीर के दलित समाज ने आजाद भारत में जो दंश झेला, उसका जवाब कांग्रेस पार्टी को देना चाहिए. वर्षों तक जम्मू कश्मीर के पढ़े लिखे दलित युवक आरक्षण की सुविधा से वंचित रहे. पिछड़ा वर्ग आयोग वर्षों तक कांग्रेस के शासन में संवैधानिक दर्जा के लिए तरसता रहा.

Also Read: बाबूलाल मरांडी बोले- हेमंत सोरेन की FIR फर्जी, पुलिस अधिकारी करें जांच

श्री मरांडी ने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी आदिवासी दलित के हितैषी होने का ढोंग करती है. उन्होंने कहा कि भाजपा अंत्योदय के संकल्पों के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है. भाजपा सरकार की योजनाएं आदिवासी, दलित,पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित है, जिसे जनता महसूस कर रही है. कहा कि कांग्रेस केवल तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार की पर्याय है. कांग्रेस काम करती है तोड़ने की और बात करती है जोड़ने की. इसलिए जनता की नजरों से गिर रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >