आदिवासी बेटी के अपहरण पर भड़के बाबूलाल मरांडी, सीएम हेमंत सोरेन पर लगाया बड़ा आरोप

Babulal Marandi: गिरिडीह में आदिवासी लड़की के अपहरण मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को घेरा है. उन्होंने राज्य में आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाये. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी अविलंब होनी चाहिए.

Babulal Marandi: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी आदिवासी लड़की के अपहरण मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होने पर भड़क गये. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोपी का धर्म और वोटबैंक देखकर कानून तय करने का आरोप लगाया. साथ ही अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर भी सवाल उठाये.

अब तक नहीं गिरफ्तार हुआ आरोपी

बाबूलाल मरांडी ने कहा, “गिरीडीह जिले में एक और आदिवासी बेटी का अपहरण हुआ. 8 दिन तक लापता रहने के बाद लड़की मिली तो उसके परिवार ने थाने में दरख्वास्त लगायी. अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं. कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं. क्योंकि हेमंत सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि आरोपी का धर्म और वोटबैंक देखकर कानून तय किया जाये.”

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

आदिवासी बेटियों को निशाना बनाया जा रहा

भाजपा नेता ने आगे कहा कि “हमने इस सरकार के समय में लगातार देखा है कि कैसे झारखंड में आदिवासी बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है. कभी जबरन गायब किया जाता है, कभी धर्मांतरण की साजfश में फंसाया जाता है, कभी बलात्कार और हत्या तक की घटनाएं होती हैं. और हर बार, सरकार की प्रतिक्रिया एक जैसी होती है- न कोई संवेदना, न कोई तात्कालिक कार्रवाई, न कोई राजनीतिक जवाबदेही.”

इसे भी पढ़ें सरायकेला में ओडिशा के कारीगरों ने तैयार किया प्रभु जगन्नाथ का रथ, 27 जून को निकलेगी ऐतिहासिक रथयात्रा

अविलंब हो आरोपी की गिरफ्तारी

भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि “इस चुप्पी को अब हम “निष्क्रियता” नहीं कहेंगे, जो सरकार बार-बार अपराध होते देख रही है, लेकिन फिर भी मूकदर्शक बनी हुई है. वह सिर्फ नाकाम नहीं, वह अपराध की सहभागी है. आज आदिवासी समाज में गुस्सा है. हमारी बेटियां डर के साए में जी रही हैं. गांवों में असुरक्षा की भावना घर कर चुकी है. जो सरकार उन्हें सुरक्षा नहीं दे सकती, जो सरकार उन्हें न्याय नहीं दे सकती, जो सरकार सिर्फ राजनीतिक लाभ-हानि देखकर प्रतिक्रिया तय करती है, उसे आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करने का कोई अधिकार नहीं है. आरोपी की गिरफ्तारी अविलंब होनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें

RIMS ने 65 साल पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत के लिए दोबारा लिखा पत्र, स्वास्थ्य विभाग से की यह मांग

Rath Yatra 2025: हरिभंजा में कल निकलेगी प्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, 250 साल पुरानी है परंपरा

झारखंड के 15 प्रवासी मजदूर दुबई में फंसे, खाने-पीने का संकट, सरकार से लगाई मदद की गुहार

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rupali das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >