Ranchi news : पैनम कोल माइंस के अवैध खनन मामले में सरकार से मांगा जवाब

मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी

मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने पाकुड़ जिले में पैनम कोल कंपनी के अवैध खनन के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दाैरान प्रार्थी व प्रतिवादियों का पक्ष सुना. खंडपीठ ने राज्य सरकार को अवैध खनन से संबंधित जांच रिपोर्ट पर की गयी कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया. साथ ही अगली सुनवाई के लिए 12 सितंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रतिवादी कंपनी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने खंडपीठ को बताया कि यह रॉयल्टी का मामला है. सरकार ने 118 करोड़ रुपये की वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस किया है. इसका विरोध प्रार्थी अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने किया. उन्होंने बताया कि यह रॉयल्टी का नहीं, बल्कि यह 999 करोड़ रुपये के अवैध खनन का मामला है. राज्य सरकार ने पूर्व में शपथ पत्र दायर कर अवैध खनन की बात स्वीकार की थी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने जनहित याचिका दायर की है. इसमें उन्होंने कहा है कि वर्ष 2015 में पैनम कोल माइंस कंपनी को पाकुड़ व दुमका जिले में कोयला खनन का लीज मिला था, लेकिन उस पर यह आरोप है कि उसने लीज से अधिक कोयले का उत्खनन किया है. इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है. मामले में जांच भी की गयी है, लेकिन उस जांच रिपोर्ट के आधार पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी है. सरकार ने राजस्व की वसूली भी नहीं की है.

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By DEEPESH KUMAR

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