रांची.
आदिवासी बचाओ मोर्चा और केंद्रीय सरना स्थल सिरमटोली बचाओ मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को राजभवन के समक्ष धरना दिया गया. इस अवसर पर सिरमटोली फ्लाइओवर के रैंप को हटाने और सरना कोड देने सहित अन्य मुद्दों को लेकर आवाज उठायी गयी. इस मौके पर आदिवासी प्रतिनिधियों ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि झारखंड में अबुआ सरकार के रहते आदिवासियों को आंदोलन करना पड़ रहा है. वहीं, आदिवासियों के धार्मिक स्थल सिरमटोली सरना स्थल के मुख्य द्वार से रैंप नहीं हटाया गया. इसे आदिवासी समाज कभी नहीं भूलेगा. इस मौके पर मारंग बुरु पारसनाथ पहाड़, गिरिडीह के लुगुबुरु, पिठौरिया के मुड़हर पहाड़ व तमाड़ के दिवरी दिरी के मुद्दे भी उठाये गये.अभी तक किसी भी सरकार ने नीतिगत फैसला नहीं लिया
इसके अलावा पेसा कानून, जमीन लूट, समता जजमेंट व स्थानीय नीति पर भी वक्ताओं ने अपने विचार रखे. इस मौके पर वक्ताओं की ओर से कहा गया कि इन मामलों पर अभी तक किसी भी सरकार ने नीतिगत फैसला नहीं लिया है. इससे आदिवासी समाज के लोगों में रोष है. धरना के बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन के माध्यम से जल्द मांगें पूरी करने की मांग की गयी. धरना में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, पूर्व मंत्री देवकुमार धान, निरंजना हेरेंज टोप्पो, कुंदरसी मुंडा, प्रेमशाही मुंडा, राहुल तिर्की, आकाश तिर्की, फूलचंद तिर्की, बबलू मुंडा,रवींद्र भगत, संगीता कच्छप, हर्षिता मुंडा आदि शामिल हुए.
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