सीआईएसएफ में 35 हजार कर्मियों की भर्ती होगी, नक्सल खत्म हो रहा है : राजनाथ

रांची : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि ‘‘बहु..आयामी” बल सीआईएसएफ में 35 हजार और कर्मियों की भर्ती की जाएगी. उन्होंने यहां कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में 35 हजार और लोग भर्ती किए जाएंगे जिससे बल के कर्मियों की संख्या बढकर 1.8 लाख हो जाएगी. उन्होंने यहां सीआईएसएफ के […]

रांची : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि ‘‘बहु..आयामी” बल सीआईएसएफ में 35 हजार और कर्मियों की भर्ती की जाएगी. उन्होंने यहां कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में 35 हजार और लोग भर्ती किए जाएंगे जिससे बल के कर्मियों की संख्या बढकर 1.8 लाख हो जाएगी. उन्होंने यहां सीआईएसएफ के पूर्वी सेक्टर के मुख्यालय और रिहायशी परिसर का उद्घाटन किया और कहा कि बल की भूमिका बहुआयामी है.

सिंह ने कहा कि पहले यह बल औद्योगिक इकाइयों की रक्षा करता था लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी बढ गयी है. अब यह नक्सल..प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहा है, बल की तैनाती बंदरगाहों, बिजली प्रतिष्ठानों, परमाणु केंद्रों पर हो रही है तथा वे सराहनीय ढंग से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों में सीआईएसएफ ‘‘खास” है तथा जब कभी संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक बलों के लिए कर्मियों की आवश्यकता होती है तो ध्यान सीआईएसएफ की ओर जाता है.
विशेषज्ञों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढता देश है और दो ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था के साथ यह दुनिया की 10 सबसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है. सिंह ने कहा कि भारत सात..आठ साल में पांच ट्रिलियन तक पहुंच सकता है. और अगले 15 साल में यह शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है.
आतंकवाद से मुकाबला पर जोर देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब अर्थव्यवस्था तेजी से बढ रही है तो ऐसी बुरी निगाहें भी होंगी जो भारत की प्रगति नहीं पसंद करती. उन्होंने कहा कि सरकार को माओवादियों पर नियंत्रण प्राप्त करने में कामयाबी मिल रही है. उन्होंने कहा कि विभिन्न वषोंर् में हुयी उग्रवादी घटनाओं की तुलना की जा सकती है.
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने कार्यभार संभाला, मैंने आपसे कहा था और अब भी मैं कहता हूं कि देश में माओवाद तथा उग्रवाद का खात्मा होगा. ” सिंह ने कहा कि उन्होंने उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट आफ इंडिया (पीएलएफआई) से कहा है कि वे हिंसा का रास्ता छोडकर बातचीत के लिए आगे आएं. नक्सलियों द्वारा की जाने वाली हत्याएं, उत्पीडन और जवरन वसूली की निंदा करते हुए सिंह ने बातचीत पर जोर दिया और कहा कि सर्वाधिक कठिन समस्याओं का भी हल निकाला जा सकता है.
इस बीच झारखंड सरकार ने सीआईएसएफ केंद्रीय प्रशिक्षण स्कूल (सीटीएस) की स्थापना के लिए हरी झंडी दे दी है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार सीटीएस की स्थापना रांची में होगी और बल के अनुरोध पर मुख्यमंत्री रघुवर दास 100 एकड भूमि मुहैया कराने पर सहमत हो गए हैं.

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