रांची. पिछले पांच दिन से पहाड़ी मंदिर में राष्ट्रीय युवा शक्ति द्वारा किया जा रहा अनशन शुक्रवार को समाप्त हो गया. झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने नारियल पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया. इस अवसर पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पहाड़ी मंदिर में सबसे बड़ा तिरंगा फहराना गौरव की बात थी, पर जिन लोगों ने यह कार्य किया उनके पास कोई योजना नहीं थी. महज श्रेय लेने के लिए झंडा फहराया गया. जब पहली बार झंडा फटा तब भी नहीं चेते. ऐसे लोग देशभक्त नहीं हो सकते.
उन्होंने कहा कि झंडे का अपमान देश की सवा सौ करोड़ की आबादी का अपमान है. झंडे के अपमान में जो भी दोषी हैं, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए. साथ ही पहाड़ी मंदिर विकास समिति के पास आनेवाली राशि की ऑडिट होनी चाहिए.
राष्ट्रीय युवा शक्ति के उत्तम यादव ने कहा कि हमने अनशन समाप्त किया है, पर संघर्ष जारी रहेगा. हमारी मांगे अब भी अधूरी हैं. जब तक राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के लिए जिम्मेदार पहाड़ी मंदिर विकास समिति के सदस्य अौर प्रशासनिक अधिकारियों पर मुकदमा दायर नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. दस दिन के बाद इस मामले को लेकर रांची बंद कराया जायेगा. अनशन करनेवालों में उत्तम यादव, दिलीप गुप्ता, वीरेंद्र गोप, मनोज , सुजीत सिंह, सुरेंद्र यादव, मोनू, अंकित साव, संजय रत्ना, तौहिब आलम, अभिजीत दत्ता, अजय तिर्की, मो अलाउद्दीन, अमन शामिल थे.
राष्ट्रीय युवा शक्ति की ये हैं मांगें
राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के लिए जिम्मेदार लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा करना.
पहाड़ी मंदिर विकास समिति को भंग करना.
समिति के पास आनेवाली राशि अौर मंदिर के चढ़ावे की राशि की एजी से अॉडिट कराना.
पहाड़ी मंदिर विकास समिति में स्थानीय लोगों अौर सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो.
पहाड़ी का पुराना नाम रिचीबुरु को पुन:स्थापित करना.
पहाड़ी मंदिर विकास समिति की मनमानी अौर व्यवसायीकरण पर रोक लगाना.
