बैठक में झारखंड सरकार ने की मांग: रांची, बोकारो, जमशेदपुर डेयरी झारखंड के हवाले हो

रांची: इंटर स्टेट काउंसिल की बैठक में झारखंड सरकार की ओर से रांची, बोकारो और जमशेदपुर डेयरी प्रोजेक्ट को झारखंड के हवाले करने की मांग की गयी. अब भी इनका संचालन बिहार स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रेड्यूसर फेडरेशन लिमिटेड (काॅमफेड) द्वारा किया जा रहा है. यह मामला अब भी भारत सरकार के पास विचाराधीन है. बिक्री […]

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रांची: इंटर स्टेट काउंसिल की बैठक में झारखंड सरकार की ओर से रांची, बोकारो और जमशेदपुर डेयरी प्रोजेक्ट को झारखंड के हवाले करने की मांग की गयी. अब भी इनका संचालन बिहार स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रेड्यूसर फेडरेशन लिमिटेड (काॅमफेड) द्वारा किया जा रहा है. यह मामला अब भी भारत सरकार के पास विचाराधीन है.
बिक्री का ब्योरा दें केंद्रीय कंपनियां: झारखंड की तरफ से यह मुद्दा उठाया गया कि सीसीएल, इसीएल, बीसीसीएल जैसी कंपनियां ई-ऑक्शन और डिस्पैच का ब्योरा राज्य सरकार को नहीं देती है. इसकी वजह से राज्य सरकार को टैक्स का नुकसान होता है.
नक्सल से निबटने के लिए केंद्र ने नहीं दिये पैसे : उग्रवाद के मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा कि 12 वीं पंचवर्षीय योजना में विशेष आधारभूत संरचना के फंडिंग पैटर्न को बदल दिया गया. नये पैटर्न के तहत इस मद में केंद्र सरकार द्वारा 75 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत राशि दी जानी थी. वित्तीय वर्ष 2015-16 में केंद्र सरकार ने इस मद में कोई पैसा नहीं दिया है. इसलिए इस योजना का 75 प्रतिशत हिस्सा अविलंब दिया जाये.
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
रांची में डॉप्लर रडार स्थापित करने.
पेंशन दायित्व का बंटवारा.
दिल्ली स्थित बिहार भवन का बंटवारा.
सैनिक कल्याण निदेशालय की निधि का बंटवारा.
राज्य मुख्यालय से जिलों के मुख्यालय तक सड़क किनारे वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करायी जाये.
कोल रायल्टी 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग.
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