ओपन स्पेस बेचने का विरोध, सीएम से शिकायत

ओपन स्पेस बेचने का विरोध, सीएम से शिकायतकटप्लॉट बता 35 लाख में आवास बोर्ड ने बेच दी सड़क तक की जमीनअानंद कुमार सिंह, रांची आवास बोर्ड ने खाली स्पेस को कटप्लॉट बता बेच कर कमाई का नया तरीका ईजाद किया है. नियमत: ओपन स्पेस के रूप में चिह्नित भूमि की न तो खरीद-बिक्री हो सकती […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 25, 2015 9:36 PM

ओपन स्पेस बेचने का विरोध, सीएम से शिकायतकटप्लॉट बता 35 लाख में आवास बोर्ड ने बेच दी सड़क तक की जमीनअानंद कुमार सिंह, रांची आवास बोर्ड ने खाली स्पेस को कटप्लॉट बता बेच कर कमाई का नया तरीका ईजाद किया है. नियमत: ओपन स्पेस के रूप में चिह्नित भूमि की न तो खरीद-बिक्री हो सकती है, न उस पर निर्माण कार्य. लेकिन आवास बोर्ड बिल्डरों व रसूखवालों के हित में आये दिन नियमों का उल्लंघन करता रहता है. नया मामला हरमू कॉलोनी के कार्तिक उरांव चौक स्थित एलएस-36 के सामने की जमीन का है. बोर्ड ने अल्प आय वर्ग के मकान एलएस-36 के सामने सड़क तक की लगभग दो हजार वर्गफीट जमीन कटप्लॉट बता कर संजय मिश्रा को 36 लाख रुपये में बेच दी. संजय मिश्रा ने हाल ही में एलएस-36 किसी अन्य व्यक्ति से खरीदी है. बोर्ड ने जो भूखंड कटप्लॉट दर्शा कर बेची है, वह खुली सार्वजनिक जमीन है. उस पर निगम ने डीप बोरिंग कर रखा है. उस पर पंप हाउस भी बना है. इस जमीन के नीचे से पानी की पाइपलाइन व नाली गुजरती है. जिसे नियमत: बेचा नहीं जा सकता. इस जमीन की बिक्री जनवरी 2015 में एमजी मनोज कुमार ने अपने तबादले के पहले की थी. एमडी डीके झा ने इस पर जांच भी बैठायी थी. बोर्ड की बैठक में इस निर्णय को रखा जाना था. लेकिन बगैर बोर्ड का निर्णय अाये संजय मिश्रा ने वहां निर्माण कार्य आरंभ कर दिया.निर्माण का विरोधअोपन स्पेस पर निर्माण कार्य का विरोध स्थानीय लोगों, सरना समिति हरमू व अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा किया जा रहा है. इन लोगों की ओर से मुख्यमंत्री, आवास मंत्री, आवास सचिव, बोर्ड एमडी व कार्यपालक अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया है. ज्ञापन में ओपन स्पेस को बरकरार रखने अौर चल रहे निर्माण कार्य को रोकने की मांग की गयी है. पहले भी बोर्ड कर चुका है ऐसा कारनामा इसके पूर्व भी आवास बोर्ड हरमू कॉलोनी में ओपन स्पेस में निर्माण कार्य कराने का प्रयास कर चुका है. जुलाई 15 में टू के व थ्री के क्वार्टर के समीप अोपन स्पेस में बोर्ड ने जी प्लस थ्री आपर्टमेंट बनवाने के लिए बिल्डर को जमीन दे दी थी, जिसकी खबर (प्रभात खबर में) छपने के बाद बोर्ड ने अपना निर्णय बदल दिया. इसके पहले वर्ष 2010 में निजी बिल्डरों के हित में हरमू के एलआइसी प्लॉट का पूरा ले आउट प्लान ही बोर्ड ने बदल डाला था.