झारखंड में 50 फीसदी से ज्यादा कोरोना के मरीज हुए ठीक, चार जिला कोविड19 से मुक्त, रांची में 9 दिन में सिर्फ 10 पॉजिटिव केस

Corornavirus in Ranchi: रांची : देश और दुनिया वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से परेशान है. झारखंड (Jharkhand) में भी इससे पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. दूसरी तरफ, तेजी से इस बीमारी से पीड़ित लोग ठीक भी हो रहे हैं. संभवत: झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां आधे से ज्यादा मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं. मई (May) में रांची (Ranchi) में कोरोना की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा है. 9 दिन में सिर्फ 10 नये मामले सामने आये हैं, जो सरकार के लिए बड़ी राहत है.

रांची : देश और दुनिया वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से परेशान है. झारखंड (Jharkhand) में भी इससे पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. दूसरी तरफ, तेजी से इस बीमारी से पीड़ित लोग ठीक भी हो रहे हैं. संभवत: झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां आधे से ज्यादा मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं. मई (May) में रांची (Ranchi) में कोरोना की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा है. 9 दिन में सिर्फ 10 नये मामले सामने आये हैं, जो सरकार के लिए बड़ी राहत है.

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झारखंड सरकार के आंकड़े बताते हैं कि 9 मई,2020 की रात 9:00 बजे तक प्रदेश में 21,886 लोगों की जांच हो चुकी थी, जिसमें 156 लोग पॉजिटिव पाये गये हैं. इनमें 78 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं. तीन मरीजों की मृत्यु हो गयी, जबकि 75 लोगों में अब भी कोरोना का संक्रमण मौजूद है. इनका कोविड19 स्पेशल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.

इस बीच, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और सिमडेगा जिला कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हो गये हैं. राज्य में कुल 13 जिलों में संक्रमण फैला था. इनमें से चार जिले अब इस जानलेवा विषाणु के संक्रमण से मुक्त हो गये हैं. बोकारो के 10 मरीज ठीक हुए हैं, तो हजारीबाग के तीन, सिमडेगा के दो और गिरिडीह का एक मरीज ठीकर होकर अपने घर जा चुके हैं.

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गढ़वा और कोडरमा जिला भी कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हो गये थे, लेकिन शुक्रवार (8 मई, 2020) को नये पॉजिटिव केस सामने आ गये. गढ़वा में एक साथ 20 लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया, तो कोडरमा के 2 लोगों में. इस दिन झारखंड में 22 पॉजिटिव केस आये थे, जिसमें 21 प्रवासी थे. ये लोग अलग-अलग राज्यों से झारखंड आये हैं.

राज्य में सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज रांची में हैं. राजधानी में अब तक 93 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, जिसमें से तीन की मौत हो गयी. हालांकि, मई का महीना रांची के लिए राहत भरा है. मई के 9 दिनों में सिर्फ 10 मरीज ही राजधानी में मिले हैं. इसके विपरीत 36 मरीज ठीक होकर घर गये हैं. यानी संक्रमण फैलने की रफ्तार से साढ़े तीन गुणा तेजी से लोग ठीक हो रहे हैं.

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इससे पहले, 8 मई को जारी रिपोर्ट में रांची के 23 पॉजिटिव लोगों की रिपोर्ट निगेटिव थी. इन्हें शनिवार को कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) से छुट्टी दे दी गयी. गढ़वा के तीन मरीज भी कोरोना के संक्रमण से मुक्त हो गये थे, लेकिन उसी दिन देर शाम छत्तीसगढ़ से आये 20 लोगों में कोविड19 की चपेट में आ गये.

उल्लेखनीय है कि राज्य में इस वक्त कुल मरीजों की संख्या 156 है. इसमें तीन मरीज की मौत हो चुकी है और 75 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं. इसमें बोकारो जिला से 10 मरीज मिले थे जिसमें से सभी ठीक होकर घर जा चुके. रांची के 93 मरीजों में 53 ठीक हो चुके हैं.

हिंदपीढ़ी में खुशी की लहर

जिन 23 लोगों को शनिवार को रिम्स से छुट्टी दी गयी, अब उन्हें उनके घर में ही क्वारेंटाइन में रखा जायेगा. रिम्स के निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि इन सभी 23 मरीजों की रिपोर्ट लगातार दूसरी बार निगेटिव आयी है. रिम्स से जब यह खबर आयी, तो हिंदपीढ़ी इलाके में खुशी की लहर दौड़ गयी.

जल्द ही जनजीवन पटरी पर लौट आयेगी : डीसी

रिम्स के कोरोना वार्ड में तैनात डॉक्टरों की टीम ने कहा कि यह उनके लिए किसी जीत से कम नहीं है. यह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जीत की तरफ बढ़ रहे हमारे कदम हैं. रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने कहा, ‘यह हमारे जिला के लिए एक अच्छी एवं सकरात्मक खबर है. जल्द ही हम सभी कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में जीत हासिल करेंगे और जनजीवन पटरी पर लौट आयेगी.’

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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