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यह राज्य लड़कर मिला है.
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दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में मिला झारखंड राज्य
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हमारी सरकार राज्य से नहीं गांव से चलती है
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2023 में 33 दिन का शिविर, गांव-गांव, पंचायत-पंचायत में लगाया
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गांवों की समस्या देखने पर पता चला कि 20 सालों में दूसरे सरकारों ने क्या काम किया?
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कोरोना काल में भी हमने अच्छा काम किया.
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हमने सभी वर्गों के लिए काम किया.
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झारखंड सबसे गरीब राज्य है.
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कोरोना काल में झारखंड ने देश में ऑक्सीजन पहुंचाया
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कोरोना काल बेहद डरावना था, हमारे 2 मंत्री शहीद हो गए थे.
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पिछली सरकार ने 11 लाख लोगों का राशन कार्ड डीलीट कर दिया था.
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हमारी सरकार ने 20 लाख राशन कार्ड बनवाया
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20 वर्षों में पुरानी सरकार ने करीब 20 लाख लोगों को ही पेंशन दिया. हमने चार साल में 36 लाख 20 हजार लोगों को पेंशन दिया.
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आज झारखंड में कई ऐसे घर हैं, जहां पिता 98 साल के हैं, तो उन्हें भी पेंशन मिलता है. बेटा 60 साल का पेंशन है, तो उन्हें भी पेंशन मिलता है.
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बुजुर्ग-विधवा को भी पेंशन मिल रहा है.
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आज कोई भी ऐसा लाभुक नहीं, जिन्हें पेंशन नहीं मिलता हो.
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अब आदिवासी परिवार के लोगों को 60 नहीं बल्कि 50 साल की उम्र में पेंशन देना शुरू करेंगे.
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जेएसएससी-जेपीएससी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग देने का काम चल रहा है.
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हमारी कोयला कंपनियों का 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपया केंद्र सरकार पर बकाया है.
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राज्य के संसाधनों की जमकर लूट हुई.
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दूसरे राज्यों को पैसे मिलते हैं, हमें नहीं मिलते.
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किसानों को जो भी पशु मिलेगा, बीमा के साथ मिलेगा.
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अंडा, मुर्गी, बकरी सब दूसरे राज्यों से आता है, हमारे किसान पशुपालन शुरू करें.
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केंद्र से हमें बहुत कम सहयोग मिलता है. केंद्र हमारे साथ सौतेला व्यवहार करता है.
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राशन डीलर के कमीशन बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं.
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हमारी सरकार में राज्य में कोई भूख से नहीं मरा.
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सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार को बदनाम किया जा रहा है.
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कम उम्र में बेटियों की शादी नहीं करें. बेटियों के पूरे पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार देगी.
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बेटियों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाइए, खर्चा सरकार देगी.
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सावित्रिबाई फुले योजना में बदलाव कर दिया, घर में जितनी भी बेटियां होगी सबको लाभ मिलेगा. पहले 2 बच्चों का ही प्रावधान था.
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80 उत्कृष्ट विद्यालय बने, इसकी संख्या 5000 तक होगी.
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12वीं पास करने के बाद छात्रों गुरुजी क्रेडिट कार्ड मिलेगा.
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छात्रावास में रह रहे बच्चों के लिए खाना की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी, ताकि बच्चे सिर्फ पढ़ाई कर सके.
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बच्चे सरकारी खर्च पर विदेश जा रहे हैं.
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डेढ़ साल के अंदर डीवीसी पर निर्भरता से मुक्त होंगे और खुद बिजली का उत्पादन करेंगे.
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लोगों को 24 घंटे बिजली मिलेगी.