लखनऊ. इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के रजिस्ट्रारों के खिलाफ वारंट जारी किये हैं. न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी की खंडपीठ ने इस बारे में आदेश दिया. ये वारंट जमानती हैं. अदालत ने दोनों रजिस्ट्रारों से सभी चिकित्सा संस्थानों में मरीज का इलाज खत्म होने के समय मेडिकल रिकॉर्ड की प्रति मुहैया कराने से संबंधित एक आदेश की अनुपालन रिपोर्ट के साथ पेश होने को कहा है. अदालत के पूर्व के आदेशों के संबंध में दोनों ही रजिस्ट्रार ने कोई हलफनामा नहीं दाखिल किया था, इसलिए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किये हैं. मामले की सुनवाई की अगली तारीख 17 दिसंबर तय की गयी है. अदालत ने पिछले 12 सितंबर को अपने आदेश में कहा था कि इलाज समाप्त होने पर मरीज मेडिकल रिकॉर्ड की प्रति हासिल करने के हकदार हैं और यह आदेश निजी एवं सरकारी दोनों ही अस्पतालों और एलोपैथी, आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों पर लागू होगा.
बीएचयू और एएमयू रजिस्ट्रारों के खिलाफ वारंट
लखनऊ. इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के रजिस्ट्रारों के खिलाफ वारंट जारी किये हैं. न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी की खंडपीठ ने इस बारे में आदेश दिया. ये वारंट जमानती हैं. अदालत ने दोनों रजिस्ट्रारों से सभी चिकित्सा संस्थानों में मरीज […]
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