प्रचार अभियान की भौगोलिक समस्या….ओके
पिपरवार. कोयलांचल में नौ दिसंबर को होनेवाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान जोर पकड़ने लगा है. कोयलांचल की भौगोलिक स्थिति के कारण कई बार समर्थक दूसरे विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने पहुंच जाते हैं, जिससे स्थिति हास्यास्पद हो जाती है. सिमरिया, बड़कागांव व कांके विधानसभा क्षेत्र की सीमा पर स्थित पिपरवार में किसी […]
पिपरवार. कोयलांचल में नौ दिसंबर को होनेवाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान जोर पकड़ने लगा है. कोयलांचल की भौगोलिक स्थिति के कारण कई बार समर्थक दूसरे विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने पहुंच जाते हैं, जिससे स्थिति हास्यास्पद हो जाती है. सिमरिया, बड़कागांव व कांके विधानसभा क्षेत्र की सीमा पर स्थित पिपरवार में किसी भी पार्टी के पक्ष या विपक्ष में बहने वाली हवा का रूख पहचानना टेढ़ी खीर साबित होती है. पूर्वी क्षेत्र में बचरा उत्तरी, बचरा दक्षिणी व किचटो पंचायत बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में पड़ते हैं. वहीं पश्चिमी क्षेत्र में कल्याणपुर, बेंती व बहेरा पंचायत सिमरिया विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है. दक्षिण-पश्चिम में स्थित राय, बमने व चूरी पंचायत कांके विधानसभा क्षेत्र में आता है. तीन विधानसभा क्षेत्र पड़ने के कारण प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. चुनाव प्रचार के दौरान कई बार कार्यकर्ता दूसरे विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं.
