लोकसभा चुनाव में सिंहभूम सीट के 2-2 दावेदार, जमशेदपुर पर चंपाई करेंगे फैसला

दुमका लोकसभा सीट पर फैसला हेमंत सोरेन के लिए छोड़ दिया गया है. वही तय करेंगे कि कौन वहां से उम्मीदवार होगा. गिरिडीह से टुंडी विधायक मथुरा महतो पर पार्टी दावं लगाने जा सकती है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में सीटों व उम्मीदवारों को लेकर मंथन चल रहा है. पार्टी को गठबंधन के तहत राजमहल, दुमका, गिरिडीह व सिंहभूम लोकसभा सीट मिलने की बात कही जा रही है. राजमहल से वर्तमान सांसद विजय हांसदा को ही दोबारा टिकट मिलने की संभावना है.

दुमका लोकसभा सीट पर फैसला हेमंत सोरेन के लिए छोड़ा

दुमका लोकसभा सीट पर फैसला हेमंत सोरेन के लिए छोड़ दिया गया है. वही तय करेंगे कि कौन वहां से उम्मीदवार होगा अथवा वे स्वयं लड़ेंगे. गिरिडीह लोकसभा सीट से टुंडी विधायक मथुरा महतो पर पार्टी दावं लगाने जा सकती है. हालांकि अधिकृत रूप से किसी सीट की घोषणा नहीं की गयी है.

सिंहभूम में गीता के बाद बदली स्थिति

कांग्रेस की सांसद गीता कोड़ा के भाजपा में जाने के बाद सिंहभूम सीट पर झामुमो ने दावेदारी पेश की है. इसके पीछे वजह है कि इस सीट के छह विधानसभा में से पांच पर झामुमो के विधायक हैं और एक पर कांग्रेस के. पूर्व से विधायक लगातार लोकसभा सीट पर दबाव बना रहे थे.

सिंहभूम लोकसभा सीट पर झामुमो का लड़ना तय

गठबंधन में अब सहमति बन गयी कि सिंहभूम लोकसभा सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रत्याशी खड़े होंगे. इधर झामुमो की ओर से प्रबल दावेदार चाईबासा के विधायक दीपक बिरुवा अब राज्य सरकार के मंत्री बन गये हैं. तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे.

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निरल पुरती और जोबा मांझी भी चुनाव लड़ने के लिए हैं तैयार

वहीं मझगांव के विधायक निरल पुरती व मनोहरपुर की विधायक जोबा मांझी ने कहा कि पार्टी कहेगी तो चुनाव लड़ेंगे ही पर यदि कोई और विकल्प है, तो उसे देखा जाये. वहीं चक्रधरपुर से विधायक सुखराम उरांव ने पार्टी को सूचित किया है कि वे चुनाव लड़ना चाहते हैं.

दशरथ गगराई भी लड़ना चाहते हैं लोकसभा चुनाव

दूसरी ओर, खरसावां विधायक दशरथ गगराई ने भी कहा है कि वह लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. दोनों को बैठा कर कई दौर की वार्ता हो चुकी है. दोनों कह रहे हैं कि दोनों में से किसी को टिकट दे दीजिए हमें कोई एतराज नहीं है.

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जमशेदपुर लोकसभा सीट पर अभी भी संशय

जमशेदपुर लोकसभा सीट को लेकर भी संशय की स्थित बनी हुई है. इस सीट पर कौन लड़ेगा, इसका फैसला मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन करेंगे. 2019 का लोकसभा चुनाव वह खुद प्रत्याशी थे. इस बार मुख्यमंत्री होने की वजह से किसी और को लड़ाया जायेगा. पर चेहरा कौन होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है.

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By Mithilesh Jha

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