गुमला में उग्रवादी सरगना मंगल नगेशिया मारा गया

गुमला : पांच लाख का इनामी हार्डकोर उग्रवादी और जनक्रांति संगठन का सुप्रीमो मंगल नगेशिया मारा गया. गुमला के पालकोट थाना क्षेत्र स्थित गुड़मा के समीप सोमवार रात माओवादियों ने उसे मार गिराया. माओवादियों ने नगेशिया के शव को बीच सड़क पर फेंक दिया और उसकी एके-47 राइफल अपने साथ ले गये. घटना रात करीब […]

गुमला : पांच लाख का इनामी हार्डकोर उग्रवादी और जनक्रांति संगठन का सुप्रीमो मंगल नगेशिया मारा गया. गुमला के पालकोट थाना क्षेत्र स्थित गुड़मा के समीप सोमवार रात माओवादियों ने उसे मार गिराया.
माओवादियों ने नगेशिया के शव को बीच सड़क पर फेंक दिया और उसकी एके-47 राइफल अपने साथ ले गये. घटना रात करीब आठ बजे की बतायी जाती है. सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गयी है. हालांकि रात होने के कारण पुलिस इलाके में नहीं जा सकी थी.
खुदी मुंडा के दस्ते ने मारा : जानकारी के अनुसार, मंगल नगेशिया अपने एक महिला और पुरुष साथी के साथ रुका था. इस बीच माओवादियों को इसकी सूचना मिली. सूत्रों के अनुसार, माओवादी कमांडर खुदी मुंडा के दस्ते ने इलाके को घेर लिया. इसके बाद मंगल नगेशिया को मार गिराया.
बताया जाता है कि नगेशिया के साथ मौजूद उसके पुरुष साथी को भी गोली लगी है, पर वह भागने में सफल रहा. नगेशिया की महिला साथी होलिका बाई भी भाग रही थी. पर माओवादियों ने उसे दौड़ा कर पकड़ लिया. उसे अपने साथ ले गये हैं. बताया जाता है कि माओवादी कमांडर खुदी मुंडा पिछले कई दिनों से नगेशिया की टोह ले रहा था. सूचना मिलने के बाद कुछ ठेकेदार रात को ही नगेशिया का शव देखने घटनास्थल पर पहुंच गये. ठेकेदार उसके कारण दहशत में थे.
माओवादियों का दावा
– जनक्रांति संगठन खत्म हुआ : विश्वामित्र
भाकपा माओवादी सिमडेगा सबजोनल कमेटी के विश्वामित्र ने दूरभाष पर बताया है कि काफी दिनों से मंगल नगेशिया की तलाश थी. सूचना मिली थी कि वह गुड़मा के समीप है. इसके बाद घेराबंदी की गयी. उसे मारने के बाद एक लड़की को कब्जे में लिया है. मंगल के मारे जाने के बाद जनक्रांति संगठन पूरी तरह खत्म हो गया.
कोट
सूचना मिली है कि मंगल नगेशिया मारा गया है. पुलिस इसकी पुष्टि करा रही है. हालांकि जो सूचना मिली है, उसके अनुसार गुड़मा के समीप माओवादियों ने उसे मारा है.
– एजरा वोदरा, एसडीपीओ, गुमला
सात को जिंदा जलाया था नगेशिया ने
मंगल नगेशिया 2004 में भाकपा माओवादी संगठन में शामिल हुआ था. उस पर कई मामले दर्ज थे. वह शांति सेना के सुप्रीमो भादो सिंह समेत सात लोगों को जिंदा जलाये जाने की घटना में शामिल था. उस पर 60 से अधिक लोगों की हत्या का आरोप था. पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद मंगल ने माओवादी संगठन छोड़ दिया और उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ में शामिल हो गया. पीएलएफआइ के सुप्रीमो दिनेश गोप ने उसे सबजोनल कमांडर बनाया था. पीएलएफआइ में रहते हुए भी उसने कई बड़े कांड को अंजाम दिया. बाद में पीएलएफआइ से अलग होकर उसे अपना गिरोह जनहित क्रांति संगठन बना लिया था. वह रायडीह व जशपुर के जंगलों में रहता था.

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