रांची : क्रेताओं के साथ बैठे अफसर समस्याओं पर की बातचीत

केंदू पत्ता की बिक्री में कमी पर सरकार गंभीर रांची : राज्य केंदू पत्ते की मांग में अप्रत्याशित रूप से कमी को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता दिखायी है. सरकार के निर्देश के बाद वन विकास निगम ने शनिवार को क्रेताओं के साथ बैठक की. बैठक में वन विभाग के तीन अधिकारी डीके तेवतिया, मनोज […]

केंदू पत्ता की बिक्री में कमी पर सरकार गंभीर
रांची : राज्य केंदू पत्ते की मांग में अप्रत्याशित रूप से कमी को लेकर राज्य सरकार ने गंभीरता दिखायी है. सरकार के निर्देश के बाद वन विकास निगम ने शनिवार को क्रेताओं के साथ बैठक की. बैठक में वन विभाग के तीन अधिकारी डीके तेवतिया, मनोज सिंह व पारितोष उपाध्याय भी शामिल हुए. तीन राउंड की बोली में अब तक मात्र 1.80 करोड़ रुपये का ही केंदू पत्ता बिक पाया है. राज्य गठन के बाद यह सबसे कम है.
दो साल पहले 100 करोड़ से अधिक का केंदू पत्ता बिका था. बैठक में केंदू पत्ता क्रेताओं ने निगम के एमडी कुलवंत सिंह को अपनी समस्या की जानकारी दी. उनको बताया कि निगम की नीतियों के कारण खरीदार नहीं आ रहे हैं. मजदूरों को नकद 2000 रुपये देने का प्रावधान है. लेकिन, पैसा निगम के अधिकारी रख लेते हैं. क्रेताओं से रॉयल्टी देने में देर होने पर 17 फीसदी ब्याज लिया जाता है. जबकि नियम राष्ट्रीय बैंक के बराबर ब्याज (नौ से 11 फीसदी) लेने का है. एडवांस में ही जीएसटी काट लिया जाता है.
गोदाम भाड़ा पांच रुपये प्रति वर्गफीट के हिसाब से लिया जाता है, जबकि बाजार समिति का मूल्य साढ़े तीन रुपये है. मालूम हो कि पत्ता नहीं तोड़े जाने से करीब 100 करोड़ रुपये मजदूरों से बीच नहीं बंट पायेगा. कर्मियों के समक्ष वेतन और भत्ता का भी संकट हो सकता है. बैठक में क्रेता संघ के अध्यक्ष विमल कुमार, अवध प्रसाद, भोला साव, राम नरेश, सुबोध गुप्ता, जमालुद्दीन, सुल्तान अहमद, राकेश कुमार आदि मौजूद थे.

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