केतारी बगान : यहां ट्रेनें भी ट्रैफिक में फंसकर लोगों से लगाती हैं गुहार

रांची : एक रेलवे क्राॅसिंग में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर फाटक की व्यवस्था होती है, ताकि ट्रैफिक को रोककर ट्रेन को पास कराया जा सके, लेकिन चुटिया स्थित केतारी बगान की तस्वीर इससे बिल्कुल अलग है. यहां ट्रेनें ट्रैफिक खुलने के इंतजार में बेबस सीटी बजाती रहती हैं. ट्रैफिक का दबाव इतना […]

रांची : एक रेलवे क्राॅसिंग में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर फाटक की व्यवस्था होती है, ताकि ट्रैफिक को रोककर ट्रेन को पास कराया जा सके, लेकिन चुटिया स्थित केतारी बगान की तस्वीर इससे बिल्कुल अलग है. यहां ट्रेनें ट्रैफिक खुलने के इंतजार में बेबस सीटी बजाती रहती हैं. ट्रैफिक का दबाव इतना है कि गेटमैन गेट बंद ही नहीं कर पाता.
नतीजतन ट्रेन को सिग्नल नहीं मिल पाता और इसमें फंसी ट्रेनें बेबस होकर ट्रैफिक खुलने के इंतजार में खड़ी रहती हैं. कई बार तो ट्रेन के गार्ड और ड्राइवर भी इंजन से उतरकर ट्रैफिक रोककर ट्रेन को पास करवाते हैं.वहीं इस क्षेत्र में ट्रैफिक का भी भारी दबाव है. हर आधे घंटे में बंद होनेवाली यह क्राॅसिंग यहां के लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गयी है. इस क्षेत्र को शहर से जोड़नेवाली यह एकमात्र मुख्य सड़क है. इससे प्रतिदिन हजारों गाड़ियां गुजरती हैं.
टाटा रोड के लिए हो सकता है एक वैकल्पिक मार्ग : केतारी बगान की सड़क सीधे रांची-टाटा रोड में जाकर मिलती है. अगर फाटक की समस्या दूर हो जाये तो रांची से टाटा जानेवाली गाड़ियों के लिए करीब पांच किलोमीटर की दूरी कम हो सकती है. लेकिन जाम के कारण अब स्थानीय लोग भी इस रास्ते का इस्तेमाल करने से कतराने लगे हैं. केतारी बागान से कांटा टोली की दूरी तीन किलोमीटर है, लेकिन जाम के कारण लोग टाटा रोड होकर कांटा टोली जाते हैं. इस स्थिति में कांटा टोली की दूरी बढ़कर आठ किलोमीटर हो जाती है.
कम है फाटक की चौड़ाई, अतिक्रमण भी
केतारी बगान रेलवे फाटक की चौड़ाई कम होने के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं. यहां रेलवे प्रशासन द्वारा बनाये गये फाटक की चौड़ाई तकरीबन 20 फीट है. संकरा फाटक होने और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ के कारण लोग बेतरतीब ढंग से अपने वाहन दाहिनी ओर लगा देते हैं. मुख्य सड़क के दोनों ओर मांस-मछली की दुकानें हैं, इस कारण सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है. फाटक के दोनों ओर न ही कोई ट्रैफिककर्मी है न ही रेलवे पुलिस. फाटक बंद होने पर औसतन आधे घंटे का जाम होना तय है.

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