रांची : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग ने राज्य सरकार से पद्मश्री सिमोन उरांव व उनके परिवार की मदद करने को कहा था. प्रभात खबर के पहले पन्ने पर पांच जनवरी को प्रकाशित समाचार- तंगहाली में जी रहे पद्मश्री सिमोन उरांव, दो पोतियां बाहर कर रहीं दाई का काम, दो की छूट गयी पढ़ाई पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अायोग की अोर से छह जनवरी को मुख्य सचिव तथा कल्याण सचिव को मदद के लिए पत्र लिखा गया था. इधर पद्मश्री सिमोन उरांव व उनके परिवार को किसी तरह की मदद दी जाने की सूचना आयोग को एक माह बाद भी नहीं मिली है. जबकि इसके लिए सात दिनों का समय दिया गया था.
अब आयोग सरकार को रिमाइंडर भेजने की तैयारी कर रहा है. अायोग के क्षेत्रीय कार्यालय, रांची की सहायक निदेशक मीनाक्षी शर्मा ने संविधान की धारा 338क के तहत अायोग को प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दोनों अधिकारियों से कहा था कि श्री उरांव 83 वर्ष के हो चुके हैं. उनके द्वारा राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण व सामाजिक क्षेत्र में किये गये योगदान के मद्देनजर यह जरूरी है कि सरकार उनके लिए गंभीरतापूर्वक कुछ करे.
राज्य व केंद्र सरकार द्वारा कृषि, शिक्षा, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा, अावास व स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित योजनाअों सहित ग्राम स्तर पर संचालित अन्य विकास कार्यक्रमों का लाभ अनुसूचित जनजाति के सदस्य पद्मश्री सिमोन उरांव व उनके परिवार के सदस्यों की पात्रता के अनुरूप उपलब्ध कराया जाये. वहीं, परिवार के बच्चों के लिए रोजगारोन्मुखी शिक्षण व प्रशिक्षण का प्रबंध किया जाये.
