रांची : अंतिम फैसले से नियुक्ति प्रभावित होगी

रांची : हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में एनेस्थेटिस्ट चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अंतिम फैसले से नियुक्ति प्रभावित होगी. अदालत ने जेपीएससी को चार सप्ताह में जवाब दायर करने का निर्देश दिया. इससे पूर्व प्रार्थी की […]

रांची : हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में एनेस्थेटिस्ट चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अंतिम फैसले से नियुक्ति प्रभावित होगी.
अदालत ने जेपीएससी को चार सप्ताह में जवाब दायर करने का निर्देश दिया. इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से बताया गया कि जेपीएससी ने एनेसथिसिया चिकित्सकों के 10 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया था. सभी दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद ही उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था. साक्षात्कार के एक दिन पहले प्रार्थी को सूचित किया गया कि उनका साक्षात्कार रद्द कर दिया गया है, क्योंकि आप निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते हैं. जो दस्तावेज उपलब्ध कराये गये थे, वह सत्यापन में सही नहीं पाये गये
कोर्ट ने कहा, दस्तावेज दें प्रार्थी व सीबीआइ
रांची : हाइकोर्ट में सीबीआइ जांच के आदेश को निरस्त करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस एस चंद्रशेखर व जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने अगली सुनवाई में संबंधित पक्षों को दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा. अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी.
प्रार्थी की अोर से सीबीआइ जांच से संबंधित आदेश निरस्त को निरस्त करने का आग्रह किया गया. बताया गया कि सुनवाई के दाैरान उन्हें मामले में पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया है. इस पर खंडपीठ ने कहा कि जब चिटफंड घोटाला मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी गयी थी, उस समय आप मामले में आरोपी थे. वैसी स्थिति में आपका पक्ष सुनने की जरूरत नहीं है. पुलिस की जांच को सिर्फ सीबीआइ को ट्रांसफर किया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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