स्मार्ट रोड बनने की आस में सड़क के उखड़ गये परखच्चे
रांची : शहर के व्यस्ततम बरियातू रोड से गुजरना मुश्किल हो गया है. स्मार्ट रोड बनने की आस में सड़क के परखच्चे उखड़ गये हैं. हर दिन इस सड़क से होकर विधायक-मंत्री सब गुजर रहे हैं, फिर भी सड़क की दशा नहीं सुधर रही. धीरे-धीरे सड़क में कई जगहों पर एक्सीडेंटल जोन बन गया है. हरिहर सिंह रोड के पास से संभल कर नहीं गुजरे, तो गाड़ी का चक्का गड्ढे में जाना तय है. खास कर दोपहिया वाहन चालक गड्ढे के कारण आये दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं.
सड़क की स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बूटी मोड़ से करमटोली चौक की ओर जानेवाली एक साइड की सड़क में करीब 82 जगहों पर सड़क उखड़ी हुई है या फिर गड्ढे हैं. वहीं करमटोली चौक से बूटी मोड़ आनेवाली सड़क के बीच में करीब 31 जगहों पर सड़क उखड़ी हुई है. इस ओर की स्थिति थोड़ी ठीक है. इस मार्ग पर कुल 113 जगहों पर टूटी सड़क या गड्ढे नजर आ रहे हैं. यहां से गुजरना आसान नहीं है. चार पहिया वाहन हिचकोले खाते गुजर रहे हैं. दोपहिया वाहन चालक गिरते-गिरते बच रहे हैं. वहीं ऑटो व मिनीडोर उछलते-कूदते पार कर रहे हैं.
सबसे ज्यादा अस्पताल इसी मार्ग पर, मरीजों की जान को खतरा : रिम्स सहित कई बड़े व छोटे निजी अस्पताल इस रोड पर ही हैं. ऐसे में हर 5-10 मिनट में एक एंबुलेंस इस सड़क से मरीज लेकर गुजरती है. एंबुलेंस को भी इस सड़क से हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ता है. ऐसे में मरीजों की जान को भी खतरा रहता है. खास कर गर्भवती महिला व गंभीर मरीजों को काफी परेशानी होती है. ऐसी सड़क से गुजरना मरीजों के लिए जोखिम भरा है.
डीएवी स्कूल बरियातू के आगे बूटी मोड़ जाने वाले लेन को काफी हद तक बना दिया गया है. इसके ऊपर लेयर चढ़ा दिया गया है, जबकि दूसरी ओर ऐसे ही छोड़ दिया गया है. इसका नतीजा है कि एक ओर की सड़क ऊंची हो गयी है, जबकि दूसरी ओर की सड़क बिल्कुल नीचे. एक ओर की सड़क इतनी ऊंची हो गयी है कि वह डिवाइडर के बराबर है. ऐसे में गाड़ियों के असंतुलित होने पर सीधे दूसरे लेन पर चले जाने का खतरा रहता है. यहां पर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है.
बनना है स्मार्ट रोड कार्यादेश भी दे दिया है, पर अब तक काम शुरू नहीं
बरियातू रोड को स्मार्ट रोड बनाना है. इस सड़क को स्मार्ट रोड बनाने के लिए इसका कार्यादेश भी एजेंसी को दे दिया गया है. ऐसे में इस सड़क का हस्तांतरण नगर विकास विभाग को हो गया है. इस वजह से इसके निर्माण की जिम्मेवारी अभी नगर विकास विभाग की है. इंजीनियरों ने बताया कि चूंकि कार्यादेश दे दिया गया है, ऐसे में इस सड़क को चलने लायक अच्छी स्थिति में रखने की जिम्मेवारी भी संबंधित एजेंसी की है. जब तक एजेंसी इसे स्मार्ट रोड नहीं बना देती है, तब तक उसे ही इसका मेंटेनेंस करना है. यहां न तो स्मार्ट रोड का काम शुरू हो रहा है और न ही इसका मेंटेनेंस किया जा रहा है. कुल मिला कर सरकारी पेच के कारण जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
रांची : बरियातू रोड में जगह-जगह गड्ढे बन आये हैं. इस कारण हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. कई बार तो दोपहिया वाहन सवार गिर कर घायल भी हो जा रहे हैं. इधर, जनहित के मुद्दों पर झारखंड हाइकोर्ट में याचिका दायर करनेवाले लोगों की नजर भी अभी तक इस सड़क पर नहीं पड़ी है.
जानकार बताते हैं कि हाइकोर्ट में जनहित से अधिक गड़बड़ी-घोटालों से संबंधित मुद्दे उठाये जाते हैं. उसके लिए लोग हमेशा जागरूक नजर आते हैं, पर व्यापक जनहित के मुद्दों पर ऐसा लगता है कि उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है. समाज, राज्य व देश के लिए चिंतित व जागरूक रहनेवाले लोग पता नहीं कहां हैं.
यहां-यहां है मेजर डैमेज
बूटी मोड़ से करमटोली
बूटी मोड़ से 200 मीटर आगे सड़क पर गड्ढा बना है
मेडिका हॉस्पिटल मोड़ से थोड़ा आगे सड़क उखड़ी है
सेवेन डेज स्कूल के ठीक सामने सड़क उखड़ी हुई है
सेवन डेज स्कूल के आगे भी सड़क जर्जर है
डॉ केके सिन्हा के क्लिनिक के पहले पेट्रोल पंप के सामने
केके सिन्हा क्लिनिक के सामने
मालाबार शॉपिंग मॉल के पहले
डीएवी स्कूल बरियातू के ठीक पहले
डीएवी बरियातू स्कूल के आगे
साईं अस्पताल के पास यूनिवर्सिटी कॉलोनी के मोड़ पर
डॉ आलम अस्पताल के ठीक पहले
डॉ आलम अस्पताल के बाद
बरियातू मस्जिद के ठीक आगे
रिम्स चौक के आगे पेट्रोल पंप के पास
हरिहर सिंह रोड जानेवाले मोड़ पर
हरिहर सिंह मोड़ से थोड़ा आगे
रिलायंस फ्रेश से थोड़ा आगे
एक्सिस बैंक से लेकर रामेश्वरम जाने वाले रास्ते में कई जगहों पर
अग्रवाल नर्सिंग होम के पहले तीन जगहों पर
अग्रवाल नर्सिंग होम के आगे
करमटोली चौक के ठीक पहल
करमटोली से बूटी मोड़
करमटोली चौक से थोड़ा आगे
रामेश्वरम गली के काफी पहले
आरोग्य भवन के ठीक सामने
रिलायंस फ्रेश के आगे
हरिहर सिंह रोड के मोड़ के पास
बरियातू मस्जिद के पहले
डॉ आलम अस्पताल के पहले
साईं अस्पताल के ठीक पहले
डीएवी बरियातू स्कूल के ठीक सामने
मालाबार शॉपिंग मॉल के पहले
सेवन डेज स्कूल के पहले
बूटी मोड़ के पहले
