रांची : जनगणना प्रपत्र में पूरे देश के आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड, काॅलम की मांग को लेकर राष्ट्रीय आदिवासी- इंडिजिनस धर्म समन्वय समिति, भारत द्वारा 18 फरवरी को जंतर-मंतर, नयी दिल्ली में धरना- प्रदर्शन का आयोजन किया गया है. धरना-प्रदर्शन दिन के 11 बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा. समिति के प्रतिनिधिमंडल द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, आदिवासी मामलों के केंद्रीय मंत्री, रजिस्ट्रार जनरल और जनजातीय आयोग के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा जायेगा.
यह जानकारी राष्ट्रीय आदिवासी इंडिजिनियस धर्म समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद उरांव, जय आदिवासी केंद्रीय परिषद की महिला शाखा अध्यक्ष निरंजना हेरेंज टोप्पो, जिलाध्यक्ष पारस लकड़ा, प्रदेश प्रवक्ता हलधर चंदन पाहन व अन्य ने नगड़ा टोली स्थित सरना भवन में दी.
उन्होंने बताया कि इसमें झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओड़िशा, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और दादर नगर हवेली से लोग शामिल होंगे. मौके पर गीता लकड़ा, एंजेला टुडू, कैली तिर्की, झारखंड आदिवासी गोंड महासभा के शशि प्रधान, आदिवासी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष अजय टोप्पो, करमा लिंडा, संजू मिंज, संदीप उरांव, लूथर कुजूर व अन्य मौजूद थे.
