चाईबासा नरसंहार पर भाजपा सांसदों की कमेटी ने जेपी नड्डा को सौंपी रिपोर्ट, छह सदस्यीय टीम ने हेमंत सरकार को ठहराया जिम्मेवार

रांची/नयी दिल्ली : चाईबासा के बुरुगुलीकेरा में सात लोगों के नरसंहार की जांच कर भाजपा के छह सांसदों की टीम ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी. राज्यसभा सांसद समीर उरांव, विधायक नीलकंठ मुंडा के साथ कमेटी के अन्य सदस्यों ने रिपोर्ट में घटना के लिए हेमंत सोरेन की सरकार को […]

रांची/नयी दिल्ली : चाईबासा के बुरुगुलीकेरा में सात लोगों के नरसंहार की जांच कर भाजपा के छह सांसदों की टीम ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी. राज्यसभा सांसद समीर उरांव, विधायक नीलकंठ मुंडा के साथ कमेटी के अन्य सदस्यों ने रिपोर्ट में घटना के लिए हेमंत सोरेन की सरकार को जिम्मेवार ठहराया है. सांसदों की टीम केंद्रीय गृह मंत्री को भी रिपोर्ट सौंपेगी.
नरसंहार और सीएए के पक्ष में रैली करने के दौरान हुई हिंसा को लेकर गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा. भाजपा पत्थलगड़ी के नाम पर आदिवासियाें के नरसंहार के लिए राज्य सरकार की नीतियों को जिम्मेवार मान रही है. पार्टी नेताओं का मानना है कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से बच रही है.
सरकार की लापरवाही से हुई घटना : भाजपा सांसद समीर उरांव ने कहा कि हत्याकांड राज्य सरकार की लापरवाही के कारण हुआ है. सरकार ने पत्थलगड़ी की आड़ में हिंसा फैलानेवालों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की घोषणा की है. इससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं.
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि मरने वाले और मारने वाले अपने लोग हैं. इस बयान से साफ जाहिर होता है कि दोषियों के खिलाफ सरकार कार्रवाई नहीं करना चाहती है. भाजपा निर्दोष आदिवासियों की हत्या किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी और गृह मंत्री से हमलोग कार्रवाई की मांग करेंगे. नीलकंड सिंह मुंडा ने कहा कि उन्होंने हत्याकांड का विस्तृत विवरण सौंप दिया है.
राज्य सरकार की लापरवाही के कारण राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गयी है. कांग्रेस और अन्य दल इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं.
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बनायी थी छह सदस्यीय जांच कमेटी : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हत्याकांड के लिए सांसद जसवंत सिंह भाभोर, समीर उरांव, भारती पवार, गोमती साय, जोन बार्ला और विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा की छह सदस्यीय टीम को हत्याकांड पर रिपोर्ट सौंपने को कहा था. सदस्यों के मुताबिक प्रशासन ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा की टीम को पहले गांव जाने से रोक दिया, लेकिन बाद में विरोध के बाद उन्हें ग्रामीणों से मिलने की इजाजत दे दी गयी.
19 जनवरी को हुई थी सात लोगों की हत्या
मालूम हो कि बुरुगुलीकेरा में पूर्व मुखिया के पति के गुट ने 19 जनवरी को उपमुखिया समेत सात लोगों की हत्या की थी. सातों के सिर कटे शव पुलिस ने 22 जनवरी को गुदड़ी प्रखंड के बुरुगुलीकेरा गांव के पास एक खाई से बरामद किया था. सात ग्रामीणों की निर्मम हत्या से संबंधित पूरी घटना की जांच एसआइटी कर रही है.
घटना पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में सीएस, गृह सचिव और डीजीपी समेत वरीय पुलिस अफसरों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की थी. मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा था कि एसआइटी समय-सीमा तय कर घटना के सही कारणों का खुलासा करे और दोषियों को चिह्नित कर रिपोर्ट दे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >