रांची : मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि स्थानीय नीति खतियान के आधार पर नहीं होने से सबसे ज्यादा नुकसान मूलवासी सदानों को हो रहा है.
1932 और अंतिम सर्वे के आधार पर स्थानीय नीति बनाने की मांग को लेकर मोर्चा लगातार आंदोलन करता रहा है. गुरुजी का यह बयान आना कि 1932 के आधार पर स्थानीय नीति बनायी जायेगी, इसका मोर्चा स्वागत करता है. श्री प्रसाद ने कहा कि मूलवासी सदानों ने वोट के माध्यम से चुनाव में एक बार फिर से ताकत दिखाई है. इसलिए राजनीतिक दलों को मूलवासी सदानों की मागों और उनके वजूद को स्वीकार करना ही होगा.
