रांची : केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मांडविया ने कहा कि जल परिवहन को रेल व सड़क परिवहन की तुलना में किफायती बनाया गया है. पूरे देश में 111 राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास पर काम हो रहा है. श्री मांडविया राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार के सवाल पर राज्यसभा में जानकारी दे रहे थे.
उन्होंने बताया कि झारखंड से होकर गुजरने वाले तीन जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में विकसित करने की योजना पर काम हो रहा है. इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरनेवाली 1620 किलोमीटर लंबी गंगा–भागीरथी–हुगली नदी प्रणाली (हलदिया–इलाहाबाद) राष्ट्रीय जलमार्ग- 122 किलोमीटर लंबी खरकई नदी राष्ट्रीय जलमार्ग 56 व झारखंड-पश्चिम बंगाल और ओड़िशा से होकर गुजरनेवाली 311 किलोमीटर लंबी स्वर्णरेखा नदी राष्ट्रीय जलमार्ग में शामिल है.
उन्होंने कहा कि 106 राष्ट्रीय जलमार्गों के लिए बने डीपीआर में से 36 को तकनीकी रूप से सही पाया गया है. वहीं 10 पर विकास के कार्य शुरू कर दिये गये हैं.
