नेताओ को पार्टी व जात-पात से ऊपर उठना होगा

सुनिए झारखंड के नायकों को जल, जंगल व जमीन ही है जीवन का आधार राजधानी रांची से 40 किमी दूर स्थित बेड़ो प्रखंड के खक्सीटोली निवासी पद्मश्री सह पाड़हा राजा सिमोन उरांव देशज तकनीक से जल संरक्षण, वन सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कई काम करते आ रहे हैं. जल एवं पर्यावरण संरक्षक […]

  • सुनिए झारखंड के नायकों को
  • जल, जंगल व जमीन ही है जीवन का आधार
राजधानी रांची से 40 किमी दूर स्थित बेड़ो प्रखंड के खक्सीटोली निवासी पद्मश्री सह पाड़हा राजा सिमोन उरांव देशज तकनीक से जल संरक्षण, वन सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कई काम करते आ रहे हैं. जल एवं पर्यावरण संरक्षक करीब 85 वर्षीय सिमोन उरांव को भारत सरकार ने 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया है.
पद्मश्री सिमोन उरांव
पद्मश्री सिमोन उरांव ने कहा कि चुनावी राजनीति में समय के साथ बदलाव आया है. पहले चुनाव में लोकहित के मुद्दों पर ज्यादा बात होती थी. पर वर्तमान में दल हित व स्वहित हावी होता जा रहा है. झारखंड की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है. उनके जीवन का आधार जल, जंगल व जमीन है.
पर इन दिनों वे कई समस्याओं से जूझ रहे हैं. सरकार को इनका समाधान खोजना होगा. कम बारिश व भूगर्भ जल के दोहन से भूगर्भ जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है. डाढ़ी, जोबला, तालाब व कुएं सूख रहे हैं. जल समस्या को दूर करने के लिए वर्षा के पानी का बहाव रोक कर इसका उपयोग सिंचाई में करना होगा.
जमीन की उर्वरा बनाये रखने के लिए रासायनिक खाद व कीटनाशक दवाओं के बदले जैविक खाद तथा देसी तकनीक वाली पारंपरिक कीटनाशक दवाओं को बढ़ावा देना होगा. खेती के लिए वैज्ञानिक व परंपरागत दोनों तकनीक का इस्तेमाल बेहतर होगा. सरकार को कृषि आधारित बाजार व्यवस्था में भी सुधार लाना होगा, जिससे किसानों को उनके उपज का सही मूल्य मिल सके. मेरा सुझाव होगा कि गांवों में रोजगार आधारित कृषि व कुटीर उद्योग लगाये जायें.
इससे बेरोजगार ग्रामीण युवाअों को गांव में ही रोजगार मिल सकेगा. पलायन की समस्या भी कम होगी. इसलिए सरकार ऐसी हो, जो गांवों का विकास करे, गांव विकास करेगा तो राज्य विकास करेगा, राज्य विकास करेगा तभी देश का विकास होगा. हमारे राजनेताअों को आटी-पार्टी व जात-पात से ऊपर उठ कर समाज के सभी वर्ग – संप्रदाय को लेकर चलना होगा, तभी झारखंड में खुशहाली आयेगी.

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