रांची : परिवार नियोजन कार्यक्रम कर आबादी नियंत्रित करें

रांची : कुल प्रजनन दर (टोटल फर्टिलिटी रेट) के मामले में झारखंड का स्थान देश भर में छठा है. झारखंड में यह दर राष्ट्रीय अौसत 2.5 से अधिक 2.7 है. राज्य के नौ जिलों में प्रजनन दर अधिक है. इनमें साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, लोहरदगा, चतरा, प.सिंहभूम, दुमका व गढ़वा जिले शामिल हैं. इधर, परिवार […]

रांची : कुल प्रजनन दर (टोटल फर्टिलिटी रेट) के मामले में झारखंड का स्थान देश भर में छठा है. झारखंड में यह दर राष्ट्रीय अौसत 2.5 से अधिक 2.7 है. राज्य के नौ जिलों में प्रजनन दर अधिक है. इनमें साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, लोहरदगा, चतरा, प.सिंहभूम, दुमका व गढ़वा जिले शामिल हैं.
इधर, परिवार नियोजन के कार्यक्रम के क्रियान्वयन में तीन जिले कमतर हैं. इन तीन जिलों साहेबगंज, गढ़वा व चतरा के सिविल सर्जनों तथा परिवार नियोजन कोषांग को कहा गया है कि वह परिवार नियोजन के कार्यक्रमों तथा पुरुष नसबंदी में तेजी लाएं. अभियान निदेशक डॉ शैलेश कुमार चौरसिया गुरुवार को आइपीएच सभागार, नामकुम में कुल प्रजनन दर मामले की समीक्षा कर रहे थे.
उन्होंने अधिक प्रजनन दर वाले सभी जिलों से कहा है कि वह परिवार नियोजन कार्यक्रम तथा पुरुष नसबंदी की उपलब्धि बढ़ाएं. वहीं सास, बहु व पति सम्मेलन भी करने को कहा गया है. गौरतलब है कि किसी राज्य या देश की कुल प्रजनन दर का मतलब होता है वहां की प्रति महिला कुल बच्चे. यह आंकड़ा बच्चों की कुल संख्या को विवाहित व प्रजनन योग्य कुल महिला की संख्या से भाग देने पर मिलता है.

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