आदिवासियों को खान पर दिलायेंगे मालिकाना हक - बाबूलाल

रांची/तमाड़ : झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में जमीनों की सुरक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर सीएनटी-एसपीटी एक्ट का निर्माण कराया. आज विकास के नाम पर इस कानून का खुलेआम उल्लंघन कर सरकार जनहित में अधिनियम बनाये बगैर ही जमीन छीन रही है. अगर हमारी सरकार बनी, […]

रांची/तमाड़ : झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में जमीनों की सुरक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर सीएनटी-एसपीटी एक्ट का निर्माण कराया. आज विकास के नाम पर इस कानून का खुलेआम उल्लंघन कर सरकार जनहित में अधिनियम बनाये बगैर ही जमीन छीन रही है.

अगर हमारी सरकार बनी, तो आदिवासी-मूलवासी को खान, खनन का मालिकाना हक के साथ संसाधन भी मुहैया कराया जायेगा. हमारी पहली प्राथमिकता स्वास्थ्य,शिक्षा एवं रोजगार पर होगी. श्री मरांडी शनिवार को आदिवासी जन परिषद एवं पंचपरगना जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा की ओर से तमाड़ में आदिवासी-मूलवासी जनाक्रोश महासभा को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि राज्य खतरे में है. तमाड़ की जनता आनेवाले चुनाव में संघर्षशील व्यक्ति को ही विधायक चुने. इस क्षेत्र में जंगली हाथी कई वर्षों से कहर बरपा रहे हैं. इस पर राज्य सरकार गंभीर नहीं दिखती.आदिवासी जन परिषद के अध्यक्ष सह झाविमो नेता प्रेम शाही मुंडा ने कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत सरकार आदिवासियों की जमीन हथियाना चाहती है.
क्षेत्र की जनता बिरसा मुंडा के उलगुलान को फिर से दोहराने के लिए तैयार है. राज्य में समता जजमेंट लागू किये बिना एक इंच जमीन की खुदाई नहीं करने दी जायेगी. रतन सिंह मुंडा ने कहा कि राज्य में जल, जंगल, जमीन पर चौतरफा हमले हो रहे हैं. इसलिए कुशल नेतृत्व क्षमता वाले व्यक्ति को प्रतिनिधि के रूप में चुन कर सदन में भेजना होगा.

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