रांची : राजीव गौबा बने कैबिनेट सचिव

नयी दिल्ली/रांची : झारखंड कैडर के आइएएस अफसर राजीव गौबा को केंद्रीय कैबिनेट सचिव बनाया गया है. फिलहाल वह केंद्रीय गृह सचिव के पद पर कार्यरत थे. 31 अगस्त को वह रिटायर होने वाले थे. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उन्हें 30 अगस्त 2019 से दो वर्षों के लिए कैबिनेट सचिव के रूप में नियुक्त […]

नयी दिल्ली/रांची : झारखंड कैडर के आइएएस अफसर राजीव गौबा को केंद्रीय कैबिनेट सचिव बनाया गया है. फिलहाल वह केंद्रीय गृह सचिव के पद पर कार्यरत थे. 31 अगस्त को वह रिटायर होने वाले थे. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उन्हें 30 अगस्त 2019 से दो वर्षों के लिए कैबिनेट सचिव के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है.
आदेश में कहा गया है कि दो साल या अगले आदेश तक वह इस पद पर रहेंगे. नियुक्ति समिति ने कैबिनेट सचिव का प्रभार लेने तक कैबिनेट सेक्रेटेरियट में ऑफिसर्स अॉन स्पेशल ड्यूटी के पद पर नियुक्त किया है. बाद में वह मौजूदा कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की जगह देश के शीर्ष नौकरशाह का पद ग्रहण करेंगे.
श्री गौबा झारखंड कैडर के 1982 बैच के आइएएस अफसर हैं. वह झारखंड में मुख्य सचिव के पद पर भी रहे हैं. गौबा ने 31 अगस्त, 2017 को गृह सचिव के तौर पर कामकाज संभाला था. 60 वर्षीय गौबा केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में सचिव, गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. गौबा को केंद्र व राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में नीति निर्माण एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है.
पंजाब में जन्मे गौबा ने पटना विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक किया था. वह 15 महीने तक झारखंड के मुख्य सचिव रहे और बाद में 2016 में केंद्र सरकार की सेवा में लौट आए.
उन्होंने चार साल तक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बोर्डमें भारत का प्रतिनिधित्व किया. गृह सचिव के तौर पर उन्हें आंतरिक सुरक्षा, जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर में उग्रवाद, मध्य तथा पूर्वी भारत में नक्सली समस्या समेत अन्य विषयों को संभालने का अनुभव है. जम्मू कश्मीर पुनर्गठन कानून का मसौदा तैयार करने में भी उनकी अहम भूमिका रही.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >