रांची : रिम्स के मोबाइल डेंटल वैन की खरीदारी हुए दो साल से ज्यादा समय हो गया, लेकिन वाहन का पंजीयन जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में नहीं कराया जा सका है. इस कारण जब भी वाहन को मरीजाें के लिए आयोजित

रांची : रिम्स गर्ल्स हॉस्टल की सुपरिंटेंडेंट डॉ शालिनी सुंदरम ने गर्ल्स हॉस्टल में रहनेवाली छात्राओं को 18 अगस्त तक कमरा छोड़ने का आदेश जारी किया है. आदेश पत्र में कहा गया है कि हॉस्टल में रहनेवाली पीजी छात्राएं व इंटर्न हर हाल में निर्धारित समय में कमरा छोड़ दें. उनका कमरा एमबीबीएस में नामांकन […]

रांची : रिम्स गर्ल्स हॉस्टल की सुपरिंटेंडेंट डॉ शालिनी सुंदरम ने गर्ल्स हॉस्टल में रहनेवाली छात्राओं को 18 अगस्त तक कमरा छोड़ने का आदेश जारी किया है. आदेश पत्र में कहा गया है कि हॉस्टल में रहनेवाली पीजी छात्राएं व इंटर्न हर हाल में निर्धारित समय में कमरा छोड़ दें. उनका कमरा एमबीबीएस में नामांकन लेनेवाली छात्राओं को आंवटित किया जा रहा है. अगर वह कमरा नहीं छोड़ती हैं, तो उनके आने पर परेशानी हो सकती है.

इधर, छात्राओं का कहना है कि हाल ही मेेें उन्हें हॉस्टल सुपरिंटेंडेंट द्वारा यहां शिफ्ट किया गया था और अब दोबारा हॉस्टल छोड़ने के लिए कहा जा रहा है. पीजी की परीक्षा है, जिसके कारण बार-बार अगर वह कमरा ही बदलते रहेंगे तो पढ़ाई क्या करेंगे. अगर प्रबंधन को नये हॉस्टल में शिफ्ट कराना ही था, तो उसी समय वहां भेज दिया गया होता.
नये हॉस्टल में कर दी गयी है व्यवस्था : रिम्स के निदेशक डाॅ दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि 500 बेड के नये गर्ल्स हॉस्टल में व्यवस्था कर दी गयी है. मेट्रस व अन्य सुविधाएं मुहैया करा दी गयी हैं. बेड भी मंगाया जा रहा है. उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर बेड भी कमरा में लगा दिया जायेगा. एमबीबीएस के नये सत्र की छात्राओं को हॉस्टल आवंटित करना है, इसलिए सीनियर छात्राओं को शिफ्ट कराया जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >