बाल विवाह व बाल मजदूरी के उन्मूलन में आगे आयें बाल पत्रकार
यूनिसेफ के भारत में 70 वर्ष पूरे होने पर राजभवन में हुआ कार्यक्रम
रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि झारखंड की रानी मिस्त्रियों की प्रशंसा दिल्ली में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने की है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि अब इसे देश के दूसरे राज्यों में भी लागू किया जायेगा. यह राज्य के लिए गौरव की बात है. बच्चों के जीवन को अौर बेहतर बनाने के लिए जो काम किये जाने बाकी हैं, उन्हें चिह्नित कर उस दिशा में काम करें़ हम सभी जानते हैंं कि बच्चे ही किसी देश अौर राज्य के भविष्य एवं कर्णधार होते हैं.
उनके वर्तमान को बढ़िया अौर सुंदर बनाये बिना राज्य अौर देश का भला नहीं हो सकता. राज्यपाल गुरुवार को राजभवन के बिरसा मंडप में यूनिसेफ के भारत में 70 वर्ष पूरे होने पर बाल पत्रकारों, पंचियत प्रतिनिधियों एवं रानी मिस्त्रियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं.
राज्यपाल ने कहा कि यूनिसेफ द्वारा 70 वर्षों में बच्चों के अधिकारों के लिए किये गये कार्यों का उत्सव मनाने के साथ आत्ममंथन करने की भी आवश्यकता है.
किशोर-किशोरियों व महिलाअों में एनिमिया दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों व सरकारी स्कूलों में चलाये जा रहे अभियान को अौर सशक्त करना होगा. श्रीमती मुर्मू ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, उसे रोकने के लिए सरकार गंभीर है.
बाल विवाह के मामले में झारखंड देश में चौथे स्थान पर है अौर वर्तमान में लगभग 38 प्रतिशत बच्चियों की शादी 18 वर्ष से पहले कर दी जाती है. राज्य सरकार ने बाल विवाह रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है. उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार सभी बच्चों के लिए शिक्षा सुनिश्चित कराने के लिए कटिबद्ध है.
राज्यपाल ने रानी मिस्त्री द्वारा स्वच्छता के लिए उनके द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की.इस अवसर पर तीन बाल पत्रकार रमिया उरांव, नेहाती सांगा अौर सपना कुमारी ने बाल विवाह व बाल मजदूरी के उन्मूूलन में उनके द्वारा किये गये प्रयास एवं कार्यों के बारे में बताया. सिमडेगा की रानी मिस्त्री प्रफुल्लित कुजूर ने बताया कि वह महिलाअों के साथ 170 शौचालय बना चुकी है. मौके पर बाल पत्रकारों ने राज्यपाल से प्रश्न पूछे, जिसका उन्होंने जवाब दिया. कार्यक्रम में गवर्नर के प्रधान सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह, यूनिसेफ की मधुलिका जोनाथन सहित कई लोग थे़
